राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि स्वास्थ्य और शिक्षा आज के समय में समाज की एक बहुत ही बड़ी आवश्यकता बन गए हैं, लेकिन दुर्भाग्य से ये दोनों लोगों की पहुंच से बाहर हैं।
इसके साथ ही रविवार को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, आजकल हम देखते हैं आदमी अपना घर बेच देगा, लेकिन अच्छी शिक्षा अपने बच्चों को देगा।
और अपना घर बेच देगा लेकिन अच्छी जगह चिकित्सा हो, इसका इंतज़ाम करेगा।आगे भागवत ने कहा, सबसे अधिक आवश्यकता सबको स्वास्थ्य और शिक्षा की होती है।
लेकिन दुर्भाग्य ऐसा है कि ये दोनों बातें आज सामान्य व्यक्ति की पहुंच से और उसके आर्थिक सामर्थ्य के पहुंच के बाहर हैं।
साथ ही उन्होंने कहा, समाज को ऐसी चिकित्सा चाहिए जो सहज और सुलभ भी हो। और फिर इसलिए अधिक जगह होनी चाहिए। और फिर व्यापारीकरण के कारण केंद्रीकरण भी होता है।
इसके अलावा आरएसएस प्रमुख ने कहा, अच्छी चिकित्सा के लिए लोगों का शहरों में भी जाना होता है।
और फिर कैंसर के लिए भारत में आठ-दस शहर हैं, जहां लोगों का जाना होता है। और फिर इसमें चिकित्सा का ख़र्चा अलग, आने-जाने का ख़र्चा अलग, वहां रहने का ख़र्चा भी अलग होता है।
और फिर परिवार चिंता में होता है कि उनका क्या होगा। और एकसाथ ये कई बातें भी हो जाती हैं।