न्यूज़लिंक हिंदी, दिल्ली। पंजाब-हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों ने राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन कर रहे है। बता दे कि प्रदर्शनकारियों की जवानों के साथ झड़प भी हुई। बता दे कि आज आंदोलन का दूसरा दिन है। आज फिर जवान सीमाओं पर कड़े पहरों के साथ पूरी मुस्तैदी के साथ खड़े हैं और वहीं एक तरफ किसानों ने भी दिल्ली कूच करने की पूरी तैयारी कर ली है।
आंदोलन के दूसरे दिन भी सीमाओं पर जवानों का कड़ा पहरा है। बीते दिन किसानों की जवानों के साथ झड़प भी हुई। जिसमें कई जवान और किसान घायल भी हुए। किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी को लेकर कानून बनाने समेत अपनी और कई मांगों को स्वीकार कराने के लिए विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
मार्च जारी रखने की घोषणा की
शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने किसानों को वापस भेजने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं किसानों ने भी राजधानी दिल्ली की ओर मार्च जारी रखने की घोषणा की है। इसको लेकर पुलिस ने सुरक्षा जांच की और इसके पुख्ता इंतजाम किए हैं।
15 फरवरी तक निलंबित रहेंगी
बता दे कि हरियाणा के सात जिलों में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी गई हैं। इन जिलों में अंबाला, कुरूक्षेत्र, कैथल, जिंद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा शामिल हैं। वॉयस कॉल को छोड़कर मोबाइल नेटवर्क पर प्रदान की जाने वाली मोबाइल इंटरनेट सेवाएं, बल्क एसएमएस समेत सभी डोंगल सेवाएं आदि 15 फरवरी तक निलंबित रहेंगी।
पीएम आगे बढ़ें और किसानों से बात करें
पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि एमएसपी की गारंटी वाला कानून इतनी जल्दी नहीं बन सकता। हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि हमें उस पर कानूनी गारंटी दी जाए। ताकि हम उस एमएसपी से नीचे फसल न बेचें। इसलिए, समिति का कोई सवाल ही नहीं है। हम चाहेंगे कि पीएम आगे बढ़ें और किसानों से बात करें।
देश के करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचाया
केंद्रीय सूचना और युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज किसान आंदोलन को लेकर पत्रकारों से बातचीत की। अनुराग ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार पहले दिन से किसान कल्याण हेतु प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। पिछले 10 वर्षों में किसान कल्याण हेतु कई योजनाएं लाई गईं जिन्होंने धरातल पर देश के करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचाया।
ये भी पढ़ें : अभिनेत्री मल्लिका राजपूत का कमरे में मिला शव, पुलिस कर रही जांच

