न्यूज़लिंक हिंदी। माफिया अतीक अहमद और अशरफ शूटआउट के हत्यारोपियों के खिलाफ 10 मई को पहली गवाही होगी। अतीक अहमद और उसके छोटे भाई अशरफ हत्याकांड का मामला प्रयागराज की फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुख्य रूप से चल रहा है। गुरुवार को ट्रायल शुरू हो गया।
एविडेंस के तौर पर सबसे पहले गवाही 10 मई को मुख्य रूप से होगी। अतीक अहमद और अशरफ हत्याकांड केस में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पिछली डेट पर चित्रकूट जेल में बंद तीनों हत्यारोपियों के आरोप पत्र पर हस्ताक्षर भी कराए गए थे। सुरक्षा कारणों से तीनों हत्यारोपियों को सेंट्रल जेल नैनी से प्रतापगढ़ फिर प्रतापगढ़ से चित्रकूट जेल में शिफ्ट किया गया है।
बता दें कि फास्ट ट्रैक कोर्ट के जस्टिस दिनेश कुमार गौतम के समक्ष हत्याकांड के आरोपित लवलेश तिवारी, सनी उर्फ मोहित सिंह और अरुण मौर्य को चित्रकूट जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही पेश किया जाता है। गुरुवार को भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही उनकी पेशी हुई और अगली तारीख अब 10 मई को लगी है। 10 मई को धूमनगंज के पूर्व प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मौर्य को पहले गवाह के रूप में तलब किया गया है।
24 फरवरी 2023 को हुए उमेश पाल और दो गनर सिपाहियों के ट्रिपल मर्डर मामले अतीक अहमद और उसके छोटे भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ को कोर्ट के आदेश पर धूमनगंज पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर मुख्य रूप से लिया गया था। 15 अप्रैल 2023 को जब पुलिस अतीक अहमद और अशरफ का देर शाम मेडिकल करवाने के लिए काल्विन हॉस्पिटल ले जा रही थी।
तभी तीन शूटरों ने अतीक अहमद और अशरफ पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी। सुरक्षा में लगी पुलिस जब तक एक्शन लेती उससे पहले ही शूटरों ने पुलिस के सामने सरेंडर भी कर दिया था। इस मामले में शासन स्तर से उच्च स्तरीय जांच कमेटी भी बनाई गई थी।

