नजूल की जमीन कब्जाने के मामले में बढ़ी पत्रकार अवनीश दीक्षित की मुश्किलें: 12 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया, दो पत्रकारों पर और शिकंजा

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जमीन पर कब्जे के मामले की जांच करेगी एसआईटी।

हाईलाइट:

  • एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कीमती जमीन 
  • पुलिस ने मंगलवार को एसआईटी का किया गठन
  • नामजद आरोपियों के घरों में पुलिस ने डाली दबिश

न्यूजलिंक हिंदी, कानपुर। एक टीवी समाचार चैनल में पत्रकार और कानपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीष दीक्षित की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कानपुर के सिविल लाइंस इलाके में नजूल की एक हजार करोड़ से ज्यादा कीमत वाली जमीन को कब्जाने के प्रयास के मामले में मंगलवार को एसआईटी का गठन कर दिया गया। डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआईटी पूरे मामले की जांच करेगी। एडीसीपी पूर्वी लखन सिंह यादव, एसीपी कोतवाली आशुतोष कुमार, इंस्पेक्टर कोतवाली संतोष कुमार शुक्ला (मुख्य विवेचक) के अलावा चार इंस्पेक्टर और दरोगा को शामिल किया गया है।

एडिशनल सीपी कानून व्यवस्था हरीश चन्दर ने बताया कि इस मामले में लेखपाल विपिन कुमार और जमीन पर काबिज सैमुएल सुखदेव सिंह की तहरीर पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं। इन दोनों रिपोर्ट की विवेचना करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। 

गलत तरीके से अवनीश को पॉवर ऑफ अटार्नी की गई
एडिशनल सीपी कानून व्यवस्था हरीश चन्दर ने बताया कि अवनीश दीक्षित को गलत तरीके से पॉवर ऑफ अटार्नी बनाया गया था। अवनीश दीक्षित के नाम पॉवर ऑफ अटार्नी करने वाला हरेंद्र मसीह खुद इस जमीन का केयरटेकर था। एक केयर टेकर दूसरे किसी भी व्यक्ति को केयर टेकर नहीं बना सकता है। जांच में सामने आया कि हरेंद्र मसीह की केयरटेकिंग 2010 में खत्म हो गई थी। जिसके बाद उसे हटा दिया गया था।

दो और सहयोगी पत्रकारों के घर पहुंची पुलिस
कानपुर पुलिस ने मामले में अवनीश दीक्षित के अलावा नामजद अन्य आरोपियों जितेश झा, राहुल वर्मा, अब्बास, विक्की चार्ल्स, मोहित बाजपेई, नौरिस एरियल, कमला एरियल, अभिषेक एरियल, अपर्णा एरियल, संदीप, हरेंद्र कुमार मसीह के अलग-अलग ठिकानों पर रेड की है। इसके अलावा पुलिस पत्रकार राहुल बाजपेई के किदवई नगर स्थित आवास और विवेक पांडेय उर्फ सोनू के घर कोयला नगर व सोनू के बहनोई रज्जन तिवारी घर पहुंची। पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद से आरोपियों और अवनीश के नजदीकियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस के मुताबिक सभी अभियुक्त धारा 191(2), 127(2), 324(4), 310(2), 61(2), 352, 351(2), 308(5), 329(4), 74 BNS थाना कोतवाली के नामित है।

पहले भी जमीन पर कब्जा करने की हुई कोशिश
इस नजूल की जमीन पर 2012 और 2014 में कब्जा करने की कोशिश की गई थी। एडिशनल सीपी के अनुसार अध्याय दो का कॉलम आठ कहता है, कि लीज की अवधि के बाद जमीन राज्य सरकार की संपत्ति हो जाएगी और राज्य सरकार की संपत्ति को न तो कोई खरीद सकता है और न ही बेच सकता है। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि हरेंद्र मसीह पर 17 मुकदमे दर्ज है, उनकी भी तलाश की जा रही है।
इनसेट

नई सड़क हिंसा में शामिल लोग कर रहे फंडिंग
अवनीश दीक्षित और दूसरे आरोपियों की सीडीआर निकाली गई है, जिससे पुलिस को अहम जानकारी मिली है। अवनीश दीक्षित की कॉल डिटेल में 3 जून को नई सड़क हिंसा में उपद्रव के आरोपियों के नंबर भी मिले हैं। ये आरोपी इस पूरे मामले में फंडिंग कर रहे थे। इनके साथ प्रापर्टी में भी अवनीश के साझेदार होने की पुष्टि हुई है। जिसके बाद अवनीश की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

12 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेजा
सिविल लाइंस स्थित नजूल की भूमि कब्जाने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार पत्रकार अवनीश दीक्षित को मंगलवार को कोर्ट ने 12 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष की ओर से कोर्ट में दो जमानत याचिकाएं दाखिल की गईं, जिसमें लेखपाल की ओर से दर्ज कराए गए मामले में सीजेएम की कोर्ट में याचिका दाखिल हुई ,जबकि डकैती के मामले में लोअर कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद सत्र न्यायालय में याचिका दाखिल की गई। अवनीश दीक्षित के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि गुरूदेव सैमुअल की तरफ से दर्ज मुकदमे में पुलिस ने अवनीश दीक्षित को कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने अवनीश को 12 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

अभी भी कई नाम आ सकते हैं सामने
नजूल की भूमि पर कब्जाने के प्रयास में लेखपाल विपिन कुमार ने प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित समेत 13 नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं सैमुएल गुरूदेव सिंह की ओर से डकैती समेत अन्य धाराओं में 12 नामजद व 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेखपाल विपिन कुूमार के मुकदमें में सीजेएम सूरज मिश्रा की कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की। वहीं सैमुएल गुरूदेव की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमें में लोअर कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद जिला जज की कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। सीजेएम कोर्ट ने याचिका की सुनवाई की तिथि एक अगस्त व जिला जज की कोर्ट ने दो अगस्त सुनवाई की तारीख निर्धारित की।

 

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