न्यूजलिंक हिंदी, एक्सप्लेनर। एडुटेक कंपनी बायजूस देश की सबसे दौलतमंद स्टार्टअप रही है। लेकिन, अब इसके हालात बिगड़ते जा रहे हैं, स्टाफ की सैलरी देने के लिए फाउंडर रवींद्रन बायजू को अपना घर तक गिरवी रखना पड़ा है। वहीं पैसे जुटाने के लिए उनके परिवार की संपत्ति भी दांव पर लगा दी है। टीवी 9 वेबसाइट पर प्रकाशित खबर के मुताबिक नकदी संकट से जूझ रही स्टार्टअप कंपनी बायजूस के पास अपने स्टाफ की सैलरी देने तक के पैसे नहीं हैं।
इसलिए कंपनी के फाउंडर ने ना सिर्फ अपनी प्रॉपर्टी बल्कि उनके परिवार के सदस्यों के नाम की प्रॉपर्टी को भी गिरवी रखकर पैसे जुटाने का रास्ता निकाला है।
खबर के मुताबिक, बायजूस का कैश फ्लो पूरी तरह से हिल गया है। कंपनी स्टाफ की छंटनी से लेकर नए सिरे से फंड जुटाने तक की कोशिश कर चुकी है। इसके अलावा विदेशी मुद्रा लेनदेन कानून के कुछ प्रावधानों के उल्लंघन को लेकर उसे ईडी की जांच का सामना करना पड़ रहा है। ये मामला करीब 9,000 करोड़ रुपए की हेराफेरी का है। इन सबके चलते कंपनी का संकट लगातार बढ़ रहा है।अब बायजू रवींद्रन के अपना घर रखने की खबर आई है। बायजूस ने अमेरिका के डिजिटल रीडिंग प्लेटफॉर्म का भी अधिग्रहण किया था। अब इसे करीब 3337.15 करोड़ रुपए में बेचने की तैयारी है। हालांकि इस बारे में बायजू रवींद्रन या बायजूस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
15,000 एम्प्लॉइज को सैलरी देनी
रवींद्रन बायजू के परिवार के पास बेंगलुरू में दो मकान हैं। इसी के साथ एक गेटेड सोसायटी ‘एप्सिलॉन’ में उनका विला निर्माणाधीन है। उन्होंने अपनी इस संपत्ति को 1.2 करोड़ डॉलर ( करीब 100 करोड़ रुपए) उधार लेने के लिए गिरवी रख दिया है। बायजूस को अपनी पेरेंट कंपनी Think & Learn Pvt के 15,000 एम्प्लॉइज को सैलरी देनी है।
नेटवर्थ 5 अरब डॉलर
कभी बायजू रवींद्रन की नेटवर्थ 5 अरब डॉलर (करीब 41,715 करोड़ रुपए) होती थी। अब उन्होंने निजी स्तर पर 40 करोड़ डॉलर का लोन लिया है। कंपनी में अपने सारे शेयर भी वह गिरवी रख चुके हैं।


