घाटमपुर गांव में दीपावली की रात सात साल की मासूम बच्ची की हत्या कर,उसका कलेजा खाने के मामले में चार दोषियों को सुनाई गई सजा

0
274

न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर देहात के घाटमपुर के एक गांव में 14 नवंबर 2020 को दीपावली की रात सात साल की मासूम बच्ची की हत्या कर उसका कलेजा खाने के मामले में चार दोषियों को सजा सुनाई गई है। तीन साल तक चली सुनवाई के बाद शनिवार को अपर जिला जज 13 पॉक्सो एक्ट की अदालत ने आरोपी दंपती परशुराम व सुनैना को आजीवन कारावास और 20-20 हजार अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।

वहीं दंपती के भतीजे अंकुल और उसके साथी वीरेन को पूरे जीवनकाल का कारावास और 45-45 हजार अर्थदंड का लगाया है। दंपती को आजीवन कारावास या उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। सहायक शासकीय अधिवक्ता राम रक्षित शर्मा, प्रदीप पांडेय प्रथम व अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने इस रिपोर्ट को दर्ज कराई थी।

इसमें बताया था कि उसकी सात वर्षीय पुत्री 14 नवंबर 2020 को घर के बाहर खेलते समय गायब हो गई थी। अगले दिन उसका क्षत-विक्षत शव गांव के बाहर खेत में मिला था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर गांव के अंकुल, वंशलाल, कमलराम, बाबूराम और सुरेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी।

विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला था कि संतान की चाहत में एक तांत्रिक के कहने पर दंपती परशुराम व सुनैना ने बच्ची का कलेजा खाया था। बच्ची की हत्या कर कलेजा निकालकर लाने वाले अंकुल और वीरेन थे। इसी आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म व हत्या के अपराध में आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे।
अदालत ने बुधवार को चारों आरोपियों को दोषी ठहराया था। शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषियों की सजा सुनाई।

एक तांत्रिक ने उनसे किसी बच्ची का कलेजा निकालकर खाने से संतान पैदा होने की बात कही थी। इस पर दंपती ने अपने भतीजे अंकुल को रुपये देकर कलेजे का इंतजाम करने को कहा था। इस पर अंकुल ने अपने दोस्त वीरेन के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था।

आजीवन कारावास में दोषी द्वारा 20 साल की सजा काटने के बाद उसकी वृद्धावस्था व अच्छे चाल-चलन के आधार पर सरकार की अनुशंसा पर राज्यपाल या राष्ट्रपति की स्वीकृति पर रिहाई दी जा सकती है। अगर कोर्ट ने जीवनकाल के कारावास की सजा सुनाई है तो दोषी को शासन से यह लाभ नहीं मिल सकता। उसे आखिरी सांस तक जेल में ही रहना होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here