न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लोग गाजीपुर लैंडफिल साइट में लगी आग से बेहद परेशान हैं। गाजीपुर लैंडफिल साइट में आग लगने का असर ट्रांस हिंडन एरिया की सोसायटियों और कॉलोनी में पूर्ण रूप से देखा जा रहा है। यहां रहने वाले लोग विषैले धुएं से परेशान हैं।
सीमांत विहार, शालीमार गार्डन, इंदिरापुरम और वसुंधरा में रहने वाले लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। खासतौर पर सीनियर सिटिजन और बीमार लोगों को बहुत ही ज्यादा ज्यादा दिक्कत हो रही है। कंफेडरेशन ऑफ ट्रांस हिंडन आरडब्ल्यूए गाजियाबाद के कोऑर्डिनेटर कुलदीप सक्सेना ने बताया कि लैंडफिल साइट में आग से वैशाली और इंदिरापुरम के रेजिडेंट्स ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
हवा के साथ जहरीली गैस सुबह और शाम के समय ही महसूस होती है। धुएं के कारण जहां वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, वहीं अस्थमा के लोगों को सांस लेने में बेहद परेशानी हो रही है। हालत इतनी बुरी है कि सांस लेना दूभर हो गया है। उन्होंने बताया कि मेरी पत्नी किडनी पेशंट हैं, सप्ताह में दो बार डायलिसिस होता है।
धुएं और बदबू के कारण दिनभर उनकी सांस अब फूलती रहती है। इसके चलते जल्द ही हम यह जगह छोड़कर किसी दूसरी सोसायटी में शिफ्ट होने जा रहे हैं। गाजीपुर स्लॉटर हाउस के पहले जो झील है, उसमें मांस धोने में काम आया पानी एकत्र होता है, जिसकी बदबू से यहां रहने वाले लोगों का भी बुरा हाल है। यह झील ज्ञान खंड, अभय खंड, न्याय खंड, इंदिरापुरम व खोड़ा के लोगों के लिए अभिशाप बन गई है।

