न्यूज़लिंक हिंदी, हमीरपुर। लोक अदालत अधिवक्ताओं ने का बहिष्कार किया है। इसके साथ ही उन्होंने पोस्टर लगाकर रास्ते भी बंद कर दिए हैं। वहीं एक तरफ अधिवक्ता वादकारियों को अंदर जाने से रोक रहे हैं, जिस कारण सियासत का माहौल देखा जा रहा है। कुछ दिन पहले भी अधिवक्ताओं ने प्रभातफेरी निकालकर सड़क में प्रदर्शन किया और सड़क में बैठकर चक्काजाम करते हुए जमकर नारेबाजी की।
जानकारी के लिए बता दे कि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन व प्रोग्रेसिव एंड प्रैक्टिसिंग बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 19वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा।
अधिवक्ता 20 फरवरी से हड़ताल पर
धरने में शामिल हुए बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष ने परिवार न्यायालय की पीठासीन अधिकारी की कार्यशैली को गलत बताते हुए उन्हें हटाए जाने की मांग की। परिवार न्यायालय की पीठासीन पर गलत कार्यशैली का आरोप लगा अधिवक्ता बीते 20 फरवरी से हड़ताल पर हैं।
बीते गुरुवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल मे बार काउंसिल आफ उ.प्र.के सदस्य व बार काउंसिल आफ इंडिया के उपाध्यक्ष अरूण त्रिपाठी एडवोकेट शामिल हुए। जिन्होंने अपने संबोधन मे कहा कि ऐसे पवित्र न्याय के मंदिर में इस तरह के अमर्यादित कार्यशैली वाले अधिकारी को बैठने की जरूरत नहीं है। अधिवक्ता कर्मयोगी है, वह न्याय के मंदिर के पुजारी है, खुले आसमान व टीनशेड के नीचे बैठकर तपस्या करते है। गरीबों की पैरवी करते है।
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