Happy Diwali 2024 : ये हैं दीपावली की असली खुशी

0
121

न्यूज़लिंक हिंदी। त्योहारों को मनाने से सांस्कृतिक सद्भाव का वातावरण बहुत ही ज्यादा बनता है। दीपावली का पर्व सबके लिए है। जीवनशैली में आए बदलाव की वजह से पूजन, अर्चन, प्रार्थना और पारिवारिक समारोहों के इस पर्व का रोशनी की जगमगाहट और आतिशबाजी मुख्य हिस्सा बन गया है।

दीपावली धार्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक पर्व भी है, जो हमें एक-दूसरे के प्रति अपनत्व, प्रेम और स्नेह का संदेश देता है। निश्चित रूप से पटाखे फोड़ने के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती और हर कोई आतिशबाजी पसंद करता है, लेकिन भले ही आप पटाखे फोड़कर परंपरा को बनाए रखें, लेकिन उन्हें चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।

पटाखे का प्रदूषण मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है। प्रदूषण की स्थिति देश में भयावह है। पिछले दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण पर सख्ती दिखाते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को फटकार भी लगाई। अदालत ने कहा कि अनुच्छेद 21 जीवन के अधिकार के तहत शुद्ध हवा हरेक नागरिक का मौलिक अधिकार है।

दीपावली के आसपास वायु एवं ध्वनि प्रदूषण का स्तर अत्यधिक बढ़ भी जाता है। हर साल दीपावली के बाद के दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक तेजी से बढ़ता है। दीपावली की सच्ची खुशी केवल अपने घर को रोशन करने में ही नहीं है, बल्कि दूसरों के जीवन में भी रोशनी फैलाने में भी है। सुरक्षित ढंग से दीपावली मनाने का मुख्य संकल्प लेना होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here