Health: अनियमित हो रहा युवाओं का ब्लड प्रेशर, चार गुना तेजी से बढ़े मरीज

बढ़े हुए ब्लड प्रेशर से दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अचानक बढ़ी ठंड में लापरवाही भारी पड़ रही है। इसके अलावा अनियमित दिनचर्या भी इसका एक प्रमुख कारण है।

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न्यूज़लिंक हिंदी। ठंड का प्रकोप बढ़ते ही हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर के मामले बढ़ गए हैं। चिंता की बात यह है कि इसमें 30 से 40 साल के बीच के नौजवान भी शामिल हैं। अधिकतर को बढ़े हुए ब्लड प्रेशर से दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अचानक बढ़ी ठंड में लापरवाही भारी पड़ रही है। इसके अलावा अनियमित दिनचर्या भी इसका एक प्रमुख कारण है।

बता दे कि मिर्जापुर मोहल्ले का रहने वाला 18 वर्षीय नौजवान तीन दिन पहले अचानक चक्कर आने से गिर पड़ा। घरवाले अस्पताल ले गए तो पता लगा कि ब्लड प्रेशर 150 के पार पहुंच गया था। डॉक्टर ने दवा देने के साथ सर्दी से बचने की सलाह दी। एहतियात के तौर पर सिटी स्कैन और ईसीजी भी कराया। राहत की बात यह रही कि अन्य सारी रिपोर्ट नार्मल आईं।

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रकाश चंद्र शाही बताते हैं कि सर्दियों में नशें भी सिकुड़ने लगती हैं। अचानक तापमान कम होने पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। कई लोगों का ब्लड प्रेशर पहले से ही अनियमित होता है, लेकिन वे ध्यान नहीं देते। स्वास्थ्य ठीक होते ही दवा लेना बंद कर देते हैं। ऐसे लोगों के लिए बदला मौसम अधिक खतरनाक होता है।

सबसे पहले तनाव पर नियंत्रण पाएं
एम्स के नए कार्यकारी निदेशक डॉ. जीके पॉल ने बताया कि बिगड़ी दिनचर्या मधुमेह, रक्तचाप और हृदय रोग का सबसे बड़ा कारण है। भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति किसी न किसी प्रकार के तनाव से गुजर रहा है। असमय सोना और उठना, शारीरिक गतिविधियां कम होने आदि कारणों के चलते शरीर का पूरा तंत्र गड़बड़ा गया है। ऐसे मौसम में आए विचलन से इंद्रिया तालमेल नहीं बैठा पातीं। नतीजा कभी मधुमेह अनियंत्रित हो जाता है तो कभी रक्तचाप ऊपर-नीचे हो जाता है। इसलिए अगर खुद को स्वस्थ रखना है तो सबसे पहले तनाव पर नियंत्रण पाएं और दिनचर्या को सुधारें।

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सर्दी के मौसम में नियमित व्यायाम जरूरी
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. रविंद्र ओझा बताते हैं कि पहले जहां अस्पतालों में हृदय, मधुमेह और रक्तचाप से 10 प्रतिशत युवा पीड़ित होते थे, वहीं अब यह संख्या 35 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह बीमारी आनुवांशिक कारणों के अलावा खराब जीवनशैली और मोटापे के कारण भी बढ़ रही है। युवाओं में तनाव प्रबंधन की समस्या भी गंभीर है। इसलिए सर्दी के मौसम में नियमित व्यायाम भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि इस शीतलहर में पार्क में कसरत करना खतरनाक हो सकता है। इसीलिए युवा घर पर भी फिजियोथैरेपिस्ट की राय से कसरत कर सकते हैं। इसके लिए कमरे में ही 10 से 15 मिनट तक तेज चलें। 10 से 15 मिनट स्किपिंग (रस्सी कूद) कर सकते हैं। स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें। हाथ-पैर कमर के व्यायाम को भी शामिल करें। सिटअप और पुशअप भी कर सकते हैं।

कार्डियो एक्सरसाइज की श्रेणी में हाई नी मार्च को करना सबसे आसान है। इसे करने से काफी ऊर्जा खर्च होती है। इस व्यायाम से शरीर को आकर्षक शेप भी दिया जा सकता है और सहनशक्ति भी बढ़ती है। कम से कम इतना वर्कआउट जरूर करें कि शरीर से पसीना निकल आए।

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