आठवें वेतन आयोग को लेकर लगातार कयास बराबर लगाए जा रहे हैं, लेकिन एक तो साफ है कि भले ही इसे पूरी तरह लागू होने में वर्ष 2027 खत्म हो जाए।
लेकिन फिर भी इसका फायदा 1 जनवरी 2026 से ही जोड़कर दिया जाएगा। और फिर 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मियों और करीब 65 लाख पेंशनर्स को ये राशि एरियर के रूप में दी जाएगी ,और अब दूसरी अहम बात फिटमेंट फैक्टर के फॉर्मूले को लेकर है।
और फिटमेंट फैक्टर यानी वो मल्टीप्लायर, जिससे किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी यानी मूल वेतन को मल्टीप्लाई कर नई बेसिक सैलरी भी तय की जाती है।
और फिर जैसे कि छठे वेतन आयोग में मिनिमम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये थी और 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 लागू किया गया, जिससे मिनिमम बेसिक सैलरी बढ़ कर सीधे 18,000 रुपये ही हो गई थी।
और फिर अब 8वें वेतन आयोग में जो फिटमेंट फैक्टर लागू होगा, उसके अनुसार बेसिक सैलरी भी तय होगी।
इसके अलावा सैलरी के कैलकुलेशन के लिए हम फिटमेंट फैक्टर को 1.96 मानकर कैलकुलेट भी कर सकते हैं।
और फिर इसके मुताबिक न्यूनतम बेसिक सैलरी जो कि अभी 18,000 रुपये है, वो बढ़ कर 35,280 रुपये भी हो सकती है।
और फिर ये लेवल-1 के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ही होगी। और फिर इसमें महंगाई भत्ता तो नहीं जुड़ेगा, लेकिन शहरों के अनुसार, एचआरए यानी हाउस रेंट अलाउंस भी जरूर जुड़ेगा।