न्यूज़लिंक हिंदी। वाराणसी स्थित आईआईटी बीएचयू में बीटेक की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में 60 दिन बाद रविवार को भाजपा के तीन नेताओं की गिरफ्तारी हुई है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। अब पुलिस आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बृज एन्क्लेव कॉलोनी निवासी कुणाल पांडेय, जिवधीपुर बजरडीहा के सक्षम पटेल और अभिषेक चौहान उर्फ आनंद के रूप में हुई है। कुणाल भाजपा महानगर इकाई में आईटी सेल का संयोजक है। सक्षम पटेल सह संयोजक है। अभिषेक चौहान के घर के बाहर भाजपा के बूथ अध्यक्ष का बोर्ड लगा है।
हालांकि, वह कार्य समिति का सदस्य बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद से ही तीनों आरोपियों की फोटो भाजपा के बड़े नेताओं के साथ वायरल हो रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त बाइक और मोबाइल बरामद कर लिया है।
आईआईटी बीएचयू के न्यू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली बीटेक की छात्रा के अनुसार वह एक नवंबर की रात 1:30 बजे टहलने निकली थी। गांधी स्मृति हॉस्टल के समीप उसे उसका दोस्त मिला। दोनों टहलते हुए जा रहे थे। इसी बीच कर्मन बीर बाबा मंदिर से कुछ दूरी पर बाइक सवार तीन युवक मिले। तीनों ने उसे और उसके दोस्त को अलग कर दिया। इसके बाद तीनों उसका मुंह दबाकर उसे झाड़ियों के पास कोने में ले गए। तीनों ने उसे निर्वस्त्र कर दिया और फोटो-वीडियो बनाए।
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इसके बाद तीनों ने उसका प्राइवेट पार्ट छुआ। शोर मचाने पर तीनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। तीनों उसका मोबाइल नंबर लेकर उसे लगभग 15 मिनट तक अपने साथ रखे। इसके बाद तीनों उसे छोड़कर बाइक से चले गए। तीनों के चंगुल से छूटकर वह अपने हॉस्टल की ओर भागी। इस मामले में दो नवंबर को लंका थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आईआईटी के छात्रों ने बड़ा आंदोलन किया था। पठन-पाठन का काम ठप कर दिया था।

