UP में 65 सीटों में , 20 % आबादी UP में जिसके लिए सपा-कांग्रेस में खिंच गई है तलवार, जानिए उन मुस्लिम वोटों का क्या हैं प्रतिरूप ,

0
246

न्यूज़लिंक हिंदी ,  यूपी में इंडिया गठबंधन के दो घटक दलों कांग्रेस और सपा के बीच मुस्लिम वोट को लेकर तलवार खिंच गई है , सूबे की आबादी में करीब 20 फीसदी आबादी वाले मुस्लिम मतदाताओं का वोटिंग पैटर्न क्या रहा है? ,

देश में अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं और उससे पहले मुस्लिम वोट को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ रिश्तों में तल्खी के बीच यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने बड़ा बयान दिया है. अजय राय ने कांग्रेस को मुसलमानों का हितैषी बताते हुए कहा है कि हमें पूरा विश्वास है कि मुसलमान लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेंगे।

दरअसल, मुस्लिम कभी कांग्रेस का मजबूत वोट बेस हुआ करता था। कांग्रेस कमजोर होती चली गई और मुस्लिम मतदाता भी धीरे-धीरे दूसरी पार्टियों की ओर शिफ्ट होते चले गए , यूपी में सपा मुस्लिम मतदाताओं के बीच मजबूत पैठ बनाने में सफल रही , बसपा और आरएलडी जैसी पार्टियां भी मुस्लिम वोट में थोड़ी बहुत भागीदारी रखती रही है…

साल 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो 58 फीसदी मुसलमानों ने सपा को वोट दिया था। कांग्रेस को 11, बसपा को 18 और बीजेपी को 10 फीसदी मुस्लिम वोट मिले थे। लेकिन इसके उलट 2009 के लोकसभा चुनाव में जब कांग्रेस यूपी की 80 में से 21 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी बनकर उभरी थी, तब उसे 25 फीसदी मुस्लिम वोट मिले थे। 30 फीसदी मुसलमानों ने सपा और 18 फीसदी ने बसपा के पक्ष में मतदान किया था।

विधानसभा चुनाव की बात करें तो 2022 के यूपी चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं ने बड़े पैमाने पर सपा का समर्थन किया , इंडिया टुडे एक्सिस माई इंडिया की सर्वेपरि रिपोर्ट के मुताबिक सूबे के 83 फीसदी मुस्लिमों ने सपा, 8 फीसदी ने बीजेपी और तीन-तीन फीसदी ने कांग्रेस और बसपा के पक्ष में मतदान किया था।
2017 केविधानसभा चुनाव में भी सपा को 55 फीसदी मुस्लिम वोट मिले थे। 33 फीसदी मुस्लिम वोट के साथ कांग्रेस दूसरे नंबर पर थी जबकि बसपा को 14 और बीजेपी को दो फीसदी वोट मिले थे।

आबादी के लिहाज से देखें तो अनुमानों के मुताबिक यूपी में करीब चार करोड़ मुस्लिम हैं. ये आंकड़ा सूबे की कुल आबादी का करीब 20 फीसदी पहुंचता है।
रामपुर, अमरोहा, बिजनौर समेत सूबे की 80 में से करीब 65 सीटें ऐसी हैं , जहां मुस्लिम मतदाताओं की तादाद 30 फीसदी के आसपास या इससे अधिक है। रामपुर में तो मुस्लिम आबादी 49 फीसदी के करीब है , उपचुनावों में रामपुर लोकसभा और विधानसभा सीट, स्वार विधानसभा सीट, आजमगढ़ लोकसभा सीट स्वार विधानसभा सीट, आजमगढ़ लोकसभा सीट से बीजेपी की जीत के बाद सपा की चिंता पहले से ही बढ़ी हुई है। अब अगर कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी पैठ मजबूत करने में सफल रहती है तो पीडीए फॉर्मूले से एनडीए को हराने का दावा कर रही सपा की राह मुश्किल हो सकती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here