17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में , पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर लगा करारा झटका

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ब्राजील के रियो डी जनेरियो में रविवार को आयोजित हुआ 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर करारा झटका लगा।

और साथ ही ब्रिक्स ने अपने संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कठोर निंदा भी की। और फिर क्वाड के बाद यह दूसरा अवसर है जब किसी अंतरराष्ट्रीय मंच ने पहलगाम हमले की निंदा भी की हो।

ब्रिक्स ने अपने बयान में न केवल हमले की भर्त्सना की, बल्कि आतंकवादियों और उनके समर्थकों को जवाबदेह ठहराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

और फिर यह पहला मौका है जब ब्रिक्स जैसे महत्वपूर्ण मंच ने भारत में हुए आतंकी हमले की न केवल कड़ी निंदा की, बल्कि आतंकवाद के प्रायोजकों को भी स्पष्ट चेतावनी भी दी।

संयुक्त बयान में कहा गया कि आतंकी गतिविधियों में लिप्त देशों को कानून के दायरे में लाकर सजा भी दी जानी चाहिए।

साथ ही बयान में स्पष्ट संदेश दिया गया कि ब्रिक्स आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है और इसे हर रूप में समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

और फिर यह संदेश विशेष रूप से पाकिस्तान के लिए है, जिसे आतंकवादियों का समर्थन करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

और फिर यह ब्रिक्स की ओर से एक बयान जारी किया गया। और इसमें कहा गया कि “हम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े निंदा भी करते हैं।

और फिर इसमें 26 लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए। हम आतंकवाद के सभी रूपों, जैसे सीमा पार आतंकियों की आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और उनके सुरक्षित ठिकानों, का डटकर मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

और हम इस बात पर जोर देते हैं कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

और आतंकी गतिविधियों में शामिल सभी व्यक्तियों और उनके समर्थकों को जवाबदेह ठहराया जाए और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत न्याय के कटघरे में लाया जाए।

साथ ही हम आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने और दोहरे मापदंडों को खारिज करने की मांग करते हैं।”

इसके अलावा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की कड़े शब्दों में आलोचना की और वैश्विक नेताओं से इसके खिलाफ एकजुट होने का आह्वान भी किया।

और फिर पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम हमला भारत की आत्मा और सम्मान पर प्रहार था। आगे उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के प्रति नीति और कार्य में कोई अंतर नहीं होना चाहिए।

बिना नाम लिए चीन पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा कि आतंकवाद की निंदा हमारा सिद्धांत होना चाहिए, न कि सुविधा।

और यदि हम यह देखेंगे कि हमला किस देश पर हुआ या किसके खिलाफ हुआ, तो यह मानवता के साथ विश्वासघात भी होगा।

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