असाध्य रोगियों का अब होगा मुफ्त इलाज, चार बड़े चिकित्सा संस्थानों को मिली मंज़ूरी

0
36

प्रदेश सरकार ने अब गुरुवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 में असाध्य रोगों से ग्रसित मरीजों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ही 30.11 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की है।

फिर यह स्वीकृति पुनर्विनियोग के माध्यम से चार बड़े चिकित्सा संस्थानों कानपुर, लखनऊ, आगरा और सहारनपुर को ही दी गई है।

और फिर शासन ने उपयोगिता प्रमाणपत्र व लाभार्थी सूची अनिवार्य करते हुए सख्त शर्तों के साथ धन खर्च करने का आदेश भी दिया गया है।

इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग विशेष सचिव कृतिका शर्मा की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार यह धनराशि अनुदान के अंतर्गत चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य शीर्ष के तहत ही असाध्य रोगों के इलाज हेतु निःशुल्क चिकित्सा सुविधा मद में स्वीकृत भी की गई है।

फिर आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह धन केवल निर्धारित मदों में और नियमों के अनुरूप ही व्यय भी किया जाएगा।

इसके अलावा शासनादेश में यह भी उल्लेख है कि इससे पूर्व सरोजनी नायडू चिकित्सालय, आगरा; अपर इंडिया शुगर एक्सचेंज प्रसूति चिकित्सालय, कानपुर; संक्रामक रोग चिकित्सालय, और कानपुर तथा मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर आदि के लिए वेतन, महंगाई भत्ता, मकान किराया एवं भत्ता, विद्युत देय और जल प्रभार मदों से पुनर्विनियोग कर धनराशि भी उपलब्ध कराई गई थी।

और फिर जिसके उपरांत कुल व्यवस्था को असाध्य रोगियों के उपचार से ही जोड़ा गया है।

साथ ही ये भी कहा गया है कि अगली किश्त तभी जारी होगी, जब उपयोगिता प्रमाणपत्र और लाभार्थियों की सूची शासन को उपलब्ध भी कराई जाएगी।

जानिए इन संस्थानों को मिली हैं धनराशि
हृदय रोग संस्थान, कानपुर – 19.86 करोड़
डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ – 6 करोड़
और राजकीय मेडिकल कॉलेज, आगरा – 4 करोड़
और राजकीय मेडिकल कॉलेज, सहारनपुर – 25 लाख।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here