न्यूज़लिंक हिंदी। पाकिस्तान ने इजरायल और फलस्तीन में जारी जंग के बीच फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में कश्मीर का मुद्दा उठाया। दरअसल, जिसपर भारत ने पाकितान को जवाब देकर उनकी बोलती बंद कर दी।

यूएन में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने कहा- कि कश्मीर के लोगों का हाल भी मौजूदा समय में फलस्तीनियों जैसा है। जिस तरह से इजरायल, फलस्तीन में लोगों की आजादी को दबा रहा है, ठीक उसी तरह से भारत भी कश्मीर में कश्मीरियों की आवाज सुनने से इनकार कर रहा है। जिसपर भारतीय अधिकारी ने कहा कि भारत हमेशा से इजरायल फलस्तीन मसले का शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है।
भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब..
इजरायल फलस्तीन संघर्ष पर प्रतिक्रिया देने के तुरंत बाद भारतीय अधिकारी ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा। कि ‘मैं खत्म करूं उससे पहले मैं उस टिप्पणी का जिक्र करना चाहता हूं। जो एक प्रतिनिधिमंडल की तरफ से बिल्कुल किसी पुरानी आदत की तरह था। इसमें उन संघ शासित प्रदेशों का जिक्र था जो मेरे देश का आतंरिक और अभिन्न अंग हैं। मैं ऐसी टिप्पणियों को अवमानना का प्रयास मानता हूं और इन पर जवाब देकर इन्हें कोई सम्मान नहीं देना चाहता हूं।
ये भी पढ़ें : कनाडा की संसद में नेता प्रतिपक्ष का बयान बोले- देश का प्रधानमंत्री बनूंगा तो मैं इस रिश्ते को बहाल करूंगा.
पाकिस्तान को पहले भी मिल चुका है करारा जवाब..
कुछ महीने पहले पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए अपने भाषण के दौरान कश्मीर का राग अलापा था। तब भी भारत ने पाकिस्तान की जमकर बेज्जती की थी। तब भारत ने करारा हमला करते हुए कहा था- कि पाकिस्तान के कब्जे में जो भारतीय क्षेत्र हैं उन्हें खाली करना चाहिए और सीमा पार आतंकवाद को रोकना चाहिए। साथ ही आरोप लगाया था कि पाकिस्तान सबसे बड़ी संख्या में आतंकियों को पनाह देता है। अभी तक इस देश ने 26/11 के आतंकियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

