भारतीय रुपया आज शुरुआती कारोबार में 28 पैसे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 90.43 पर पहुंच गया। और फिर इसी के साथ एक अमेरिकी डॉलर का भाव 90 रुपये के पार पहुंच गया है।
सूत्रों के मुताबिक़, फॉरेक्स ट्रेडरों का कहना है कि मौद्रिक नीति समिति के अहम फैसले से पहले केंद्रीय बैंक के सीमित हस्तक्षेप और आयातकों की डॉलर की ऊंची मांग के कारण रुपये पर लगातार दबाव भी बना हुआ है।
इसके साथ ही इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाज़ार में रुपया 90.36 पर खुला। और फिर शुरुआती सौदों में यह और कमज़ोर होकर 90.43 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले भाव से 28 पैसे की गिरावट है।
और फिर वहीं इस गिरावट पर विपक्ष केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर भी है। और इतना ही नहीं कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व सीईओ उदय कोटक ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर बुधवार को ये भी लिखा, रुपया अब 90 पर है।
और फिर इसकी मुख्य वजह भारतीय शेयर बाज़ार में विदेशी बिकवाली भी है, चाहे वो एफपीआई हो या फिर एफडीआई के तहत प्राइवेट इक्विटी ही क्यों न हो।
इसके साथ ही आगे उन्होंने कहा, भारतीय निवेशक ख़रीदारी भी कर रहे हैं। और फिर वक़्त बताएगा कि कौन ज़्यादा समझदार है।
फिर फिलहाल तो विदेशी निवेशक ही ज़्यादा समझदार दिख रहे हैं। और फिर एक साल में निफ़्टी का डॉलर रिटर्न भी शून्य रहा है।
लेकिन यह एक लंबा खेल है। और फिर अब समय है कि भारतीय कारोबारी अपने आराम क्षेत्र से खुलकर बाहर निकलें।