न्यूज़लिंक हिंदी। न्यायालय नवम अपर सत्र न्यायाधीश जितेंद्र सिंह कुशवाह ने इस्माइल को धारा 302 में आजीवन कारावास व 6 हजार रुपये के अर्थदण्ड से मुख्य रूप से दंडित किया।
अभियोजन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी के नेतृत्व में पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सुरेंद्र सिंह वास्केल द्वारा की गई। प्रकरण को जघन्य एवं चिह्नित प्रकरण की सूची में रखा गया, जिसकी प्रतिमाह मुख्य रूप से सुनवाई की गई।
गौरतलब है कि 14 मार्च 2016 को दोपहर लगभग 3:30 बजे समीर व उसका दोस्त फुरकान पैदल घर से फिरोज की चाय की दुकान पर गये थे। वहां पर इस्माइल व गोलू पहले से खड़े चाय पी रहे थे। इस्माइल ने ने गोलू को मजाक में भद्दी गालियां भी दीं।
जिस पर से समीर व फुरकान ने इस्माइल को बोला कि यहां गाली मत दे, उधर चला जाओ , इस पर इस्माइल ने उन्हे गंदी गंदी गालियां दी। फिर वे वहा से चले गए। शाम को 05:45 बजे समीर एवं फुरकान दोनों मोटरसाइकिल से युरेका अस्पताल जा रहे थे।
फिरोज की चाय की दुकान के सामने जैसे ही पहुंचे तो वहा पर इस्माइल व इमरान अपनी अपनी मोटरसाइकिल पर बैठकर बात कर रहे थे। तभी समीर को उसके दोस्त फुरकान ने बाइक को इस्माइल के पास ले जाने को मुख्य रूप से कहा।
उन्होंने इस्माइल से पूछा कि वह गालियां क्यों दे रहा था। इस पर इस्माइल ने गंदी गालियां देते हुए पेंट में कमर में रखी पिस्टल दिखायी और कहा कि उसके पास हमेशा ये रखी रहती है। समर व फुरकान ने इस्माइल से बोला कि पिस्टल किसको दिखा रहा है।
विवाद बढ़ने पर इस्माइल ने फुरकान पर गोली भी चलाई, जो फुरकान को दाहिने तरफ पसली में लग गई। इसके और गोलियां चलाईं। समीर को मारने के लिए भी गोली चलाई तो वह मोके से भाग गया। इसी दौरान इमरान को भी गोली मारी गई। इमरान की मौत होने की पुष्टि डॉक्टरों ने भी की थी।

