न्यूज़लिंक हिंदी। इजरायल और हमास के बीच का तनाव अब किसी भी समय युद्ध में बदल सकता है। मिली जानकारी के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने इसे लेकर चेतावनी भी दी है।
अपने समकक्षों को उन्होंने कहा कि इजरायल पर ईरान और हिजबुल्लाह का हमला सोमवार को शुरू हो सकता है। हालांकि बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार ईरान पर हमला करने की मंजूरी भी दे सकती है ताकि इजरायल पर हमले को रोका जा सके। मिली जानकारी के मुताबिक इजरायल की प्रमुख खुफिया एजेंसी मोसाद और शिन बेट के साथ नेतन्याहू ने मीटिंग की।
इस मीटिंग में इजरायली रक्षा मंत्री योव गैलेंट और सेना प्रमुख हर्जी हलेवी भी शामिल थे। 1980 के दशक की शुरुआत में ईरान के समर्थन से हिजबुल्लाह की स्थापना भी हुई थी। मध्य पूर्व में इसे ईरान का पहला प्रॉक्सी कहा जा सकता है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की ओर से इसकी फंडिंग की जाती है।
हिजबुल्लाह मूल रूप से ईरान की विचारधारा ही मानता है और अपने संगठन में मुख्य रूप से लेबनान की शिया मुस्लिम आबादी को भर्ती करता है। ईरान ने शनिवार को कहा कि हिजबुल्लाह अब इजरायली क्षेत्र में काफी अंदर तक हमला करेगा। संभावित रूप से ईरान का कहना है कि इजरायली सैन्य प्रतिष्ठान भी निशाना भी बनेंगे।
हाल ही में इजरायल की ओर से हिजबुल्लाह कमांडर फुआद शुकर को एयर स्ट्राइक में संयुक्त रूप से ढेर कर दिया गया था, जिसके बाद तनाव काफी तेजी से बढ़ा है। लेकिन स्थिति तब और भी गंभीर हो गई जब ईरान की राजधानी तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया की मौत हो गई। ईरान का कहना है कि इजरायल की ओर से एक हमले के जरिए हानिया को भी मारा गया है।
हालांकि इजरायल ने हानिया की मौत में न तो अपना हाथ होने को अभी तक स्वीकार किया है और न ही इनकार भी किया है। इसके बाद से ही चिंता जताई जा रही है कि इजरायल हमास के युद्ध में अब हिजबुल्लाह और ईरान सीधे तौर पर दोनों ही शामिल हो सकते हैं।

