न्यूज़लिंक हिंदी। युद्ध के बीच गाजा में इस्राइली सेना का अभियान जारी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार की रात इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने गाजा में अल-शिफा अस्पताल परिसर में एक यार्ड पर तेज़ बमबारी करी । जिसमें कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले इस्राइली बलों ने गाजा पट्टी के उत्तर में छिपे हमास के आतंकियों वाले क्षेत्र पर गोलाबारी की। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया। वहीं, अमेरिका ने कहा कि इस्राइल रोजाना चार घंटे हमले रोकने को राजी हो गया है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने कहा..
दोनों पक्षों ने एक माह में कई युद्ध अपराध किए हैं। हमास शासित क्षेत्र के उत्तर में आतंकियों के गढ़ गाजा सिटी के निवासियों ने कहा कि शहर के चारों ओर से इस्राइली टैंकों ने घेर लिया है। इस्राइली सेना दो अस्पतालों के करीब जाती देखी गई, जहां हजारों विस्थापित फलस्तीनी आश्रय मांग रहे है।

उसने यहां बुनियादी आपूर्ति खत्म कर दी है, जिससे फलस्तीनी नागरिकों को दवाओं, भोजन और पानी तक मुहैया नहीं हो रहा है। उधर, फ्रांस में 80 देशों व संगठनों ने गाजा में मानवीय सहायता के समन्वय के तरीकों पर बैठक की। बैठक में गाजा के घायलों को घेराबंदी से निकालने में मदद करने पर विचार भी किया गया।
राष्ट्रपति बाइडन ने इस्राइली प्रधानमंत्री से की बात..
राष्ट्रपति बाइडन ने सोमवार को इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर जंग पर प्रतिदिन कुछ समय के लिए विराम लगाने को कहा था। इस्राइल मानवीय आधार पर उत्तरी गाजा में रोजाना चार घंटे के लिए हमास पर हमले रोकने के लिए तैयार हो गया।
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व्हाइट हाउस के मुताबिक, उसने नागरिकों को लड़ाई से बचाने का विकल्प तलाश लिया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने दोहा में इस्राइल की जासूसी एजेंसी मोसाद के प्रमुख और कतर के पीएम शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी से मुलाकात की और हमास के बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई पर चर्चा की।

