ईरान ने अब ये आरोप लगाया है कि अमेरिका और इसराइल ने नागरिक ढांचों और केंद्रों पर लगातार हमले करना अभी भी जारी रखा है।
और फिर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने कहा। इसराइल ने ईरान के दो सबसे बड़े स्टील कारख़ानों, एक पावर प्लांट और सिविलियन न्यूक्लियर साइट्स समेत अन्य ढांचों पर भी हमला किया है।
इसके साथ ही अब्बास अराग़ची ने एक्स पर लिखा, इसराइल दावा करता है कि उसने यह हमला अमेरिका के साथ मिलकर ही किया। और फिर यह हमला राष्ट्रपति की ओर से बढ़ाई गई डेडलाइन के ख़िलाफ़ ही है।
फिर आगे उन्होंने लिखा, ईरान, इसराइल के अपराधों की बहुत बड़ी क़ीमत भी वसूल करेगा।
और फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के ऊर्जा ढांचे पर किसी भी तरह के हमले को अगले 10 दिनों तक ही रोकेंगे।
लेकिन फिर भी यह हमला ट्रंप की ओर से दिए गए बयान के 24 घंटे के भीतर ही हो गया।
अब इसके अलावा, इसराइली सेना ने ईरान के अराक हैवी वॉटर न्यूक्लियर प्लांट पर भी हमला किया है।
इसके अलावा ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी पुष्टि की है कि अराक फ़ैसिलिटी को आज दो बार निशाना बनाया गया, लेकिन कोई भी हताहत नहीं हुआ।
और फिर गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप के ख़ास दूत स्टीव विटकॉफ़ ने ये भी कहा। अमेरिका को अब उम्मीद है कि ईरान के साथ इस हफ़्ते मीटिंग भी होगी।