मध्य प्रदेश में जबलपुर के बरगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत जबलपुर-नागपुर हाईवे में स्थित मानेगांव में बने फ़निंगो एडवेंचर एरीना के फन गेम जोन में अचानक से भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया।
और फिर हादसा इतना भयावह था कि देखते ही देखते पूरा गेम जोन आग की चपेट में आ गया।
और फिर घटना के दौरान अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी भी मच गई और जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने भी लगे।
फिर वहीं आग की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत भी हो गई, और आग इतनी भयंकर थी कि युवक का शव पूरी तरह जलकर कंकाल में तब्दील हो गया।
फिर जिससे उसकी पहचान कर पाना मुश्किल भी हो गया। साथ ही प्रारंभिक जांच में दमकल टीम ने मौके पर किसी जनहानि से इंकार किया था।
लेकिन देर रात पुलिस द्वारा दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाए जाने पर जले हुए अवशेषों के बीच ही एक नर कंकाल बरामद हुआ, जिससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया गया।
फिर आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आधा दर्जन गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर जल्द ही पहुंचे।
और फिर कड़ी मशक्कत के बाद करीब 3 घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। फिर वहीं आग शांत होने के बाद दमकल की टीम के द्वारा निरीक्षण किया गया लेकिन खाना पूर्ति करने के बाद वह वापस लौट आई।
और किसी भी जनहानि की घटना से इनकार भी कर दिया। और फिर देर रात मलिक के द्वारा बताया गया कि जो युवक वेल्डिंग करने के लिए आया था वह मिसिंग भी है। और इसके बाद पूरे परिसर में दोबारा सर्चिंग भी की गई।
साथ ही पुलिस के मुताबिक घटना के समय गेम जोन के अंदर कर्मचारी और एक वेल्डर और अन्य लोग भी मौजूद थे।
और फिर प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि वेल्डिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लगी।
फिर जिसने कुछ ही समय में विकराल रूप भी ले लिया। हालांकि पुलिस और एफएसएल की टीम इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच भी कर रही है और हर पहलू को खंगाला भी जा रहा है।
इसके अलावा फन पार्क स्थानीय स्तर पर एक फैमिली डेस्टिनेशन के रूप में भी जाना जाता है।
और फिर यहां 50 से अधिक एडवेंचर और खेलकूद गतिविधियां भी संचालित होती हैं। और फिर इस हादसे के चलते पार्क को भारी नुकसान भी पहुंचा है और करोड़ों रुपये की क्षति होने की आशंका जताई जा रही है।
इसके अलावा थाना प्रभारी बरगी नीलेश दोहरे के मुताबिक मामले की जांच अभी भी जारी है और एक बार फिर विस्तृत सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
ताकि यह सुनिश्चित भी किया जा सके कि कहीं और कोई फंसा न हो। और फिर इसके साथ ही घटना के कारणों और जिम्मेदारों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच भी की जा रही है।