न्यूज़लिंक हिंदी। गैंगस्टर अमन सिंह के हत्याकांड मामले में आए दिन बड़े खुलासे हो रहे हैं। अब जानकारी मिली है कि अमन सिंह ने ही प्रतापगढ़ से रोहित यादव को किसी की हत्या करवाने को बुलाया था। वहीं रोहित ने अमन की बात मानने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उसने जेल में जाकर अमन सिंह के सीने में गोली उतार दी।
रोहित को एक माह पहले अमन ने ही धनबाद बुलाया था क्योंकि वह उसे जानता था। उससे किसी की हत्या करवाना चाहता था।रोहित ने इनकार किया तो अमन ने उसके परिवार को जान से मरवाने की बात कही। इसी कारण उसने अमन को उसके ही हथियार से मार डाला। यह बात रोहित ने पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में बताई है। रोहित के अनुसार जिस हथियार से हत्या हुई, वह अमन का ही था।
साथियों को इसे जेल में रखने के लिए दिया था। हत्या के दो दिन पूर्व गांधी ने हथियार उसे दे दिया। उसने बताया कि अमन बड़ा अपराधी बन गया था। उसके डर से वह एक माह पूर्व धनबाद आ गया था। यहां आशीष रंजन उर्फ छोटू से मुलाकात हुई। आशीष भी अमन के लिए काम करता था।
कुछ दिनों से अमन अपने लोगों को धमका रहा था। रंगदारी से मिली रकम अपने रिश्तेदारों को भेज रहा था। इस कारण उसके लोग खफा थे। इस बीच बोकारो में आशीष से रोहित की दोबारा मुलाकात हो गई। रोहित ने उसे अपनी पीड़ा बताई। तब आशीष के अंदर सुलग रही अमन से बगावत की आग और भड़क गई।
रोहित के बयान पर अभी पुलिस को विश्वास नहीं है। जिस तरह वह नाम बदलकर गिरफ्तार हुआ, उससे पुलिस को उसके बयान के कई बिंदुओं पर शक है। उसने बताया है कि वह प्रतापगढ़ के चंद्रपुर गांव का है। पुलिस टीम सका सत्यापन करने जा रही है।
जेल में हथियार कैसे पहुंचा, इस बिंदु पर पुलिस छानबीन कर रही है। दीपावली पर बंदियों के बीच जेल में मिठाई बांटी जाती है। उसी मिठाई के साथ हथियार भेजा गया। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है क्योंकि जेल में बंदी बिरयानी व अन्य खाने-पीने की चीजें मंगवाते रहते हैं।

