Kanpur : 5 साल के बच्चे की टॉफी खाने से हुई मौत, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

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न्यूज़लिंक हिंदी। 5 साल के बच्चे की टॉफी खाने से गले में फंसने से हुई मौत। विशेषज्ञों ने ये चेतावनी दी कि 1-5 साल के बच्चों के लिए टॉफी च्यूइंग गम और जेली बेहद ही खतरनाक हो सकती है।

गले में चीज फंसने पर जोर-जोर से खांसने या पीठ पर मारने का संकेत करना चाहिए। अभिभावक को बच्चों को ऐसी चीजों से दूर रखना चाहिए। विशेषज्ञों का मत है कि बच्चों को हमेशा ऐसी चीजों से बहुत ही दूर रखना चाहिए। एक से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए टॉफी, च्यूइंग गम और जेली खतरनाक हो सकती है।

इससे बचाव के लिए अभिभावक को बहुत ही ज्यादा सचेत होना पड़ेगा। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉ. हरेंद्र ने ये भी बताया कि जब किसी चीज को खाते हैं तो वो एक नली के माध्यम से होता हुआ फूड प्रोसेस यानी खाने की नली में जाता है। उसी नली से ट्रेकिया जिसे सांस नली कहते हैं वो जुड़ी होती है।

ऐसे में च्यूइंग गम के ट्रेकिया में फंसने से सांस बहुत ही बाधित हो सकती है जो मौत का कारण भी बनती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए हार्ट क्वालिटी वाले च्यूइंग गम और टॉफी खतरनाक होते हैं। जिनके निगलने पर बच्चों को सांस लेने में दिक्कत के साथ ही कई प्रकार की परेशानी भी हो सकती है।

छोटे बच्चों को हमेशा खाने में ऐसी चीज देने से बचना चाहिए। जो उनके गले में फंस सकती है। जैसे मटर, मूंगफली का दाना, सिक्के और च्यूइंग गम तथा टॉफी। छोटे बच्चे अक्सर बिना चबाएं ही मुख्य रूप से खा जाते हैं। जिससे उनका गला चोक भी हो सकता है। पांच वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों को यह चीज देने से बचना चाहिए।

गले में खाने और सांस की नली एक ही होती है। इसलिए किसी भी चीज को चबा-चबाकर खाने की सलाह दी जाती है, जिससे वह गले में बिल्कुल भी न फंसे। अक्सर चॉकलेट, टॉफी, च्यूइंग या ऐसी किसी चिपचिपी चीज को खाने पर उसे चबा पाना बहुत ही मुश्किल होता है, जिसके गले में फंसने से गला चोक हो जाता है और खतरा बढ़ जाता है।

ऐसी स्थिति ज्यादातर कम आयु वर्ग के बच्चों में होती है। उनमें ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाने से बच्चे की पूर्ण रूप से मौत हो जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आप युवा हैं तो कुछ खाते हुए आपका गला अचानक चोक हो जाए तो तुरंत जोर-जोर से खांसे। ऐसा करने से गले में फंसी चीज अंदर चली जाएगी।

गले में कुछ फंसने से अगर आपकी सांस की घुटन भी बढ़ जाती है तो तुरंत किसी को इशारा करके जोर-जोर से पीठ पर मारने का संकेत करें।अगर आपके सामने किसी का गला चोक हो गया है और दम घुटने के कारण आंख में आंसू आने लगे हैं तो उसकी कमर पर जोर-जोर से थपथपाएं।

आराम नहीं मिलने पर पीड़ित के सिर को आगे की झुककर मुंह थोड़ा नीचे कर दें और एक हाथ उसकी छाती पर रखें और दूसरे हाथ से कमर पर जोर-जोर से लगातार प्रहार करें। ऐसा करने से गले में अटकी चीज मुंह के रास्ते बाहर आ जाती है।

अगर किसी चीज को मुंह में डालने से बच्चे का गला चोक हो जाए तो आप तुरंत उसके मुंह को खुलवाएं। गले में फंसी हुई चीज साफ दिखाई दे रही तो मुंह में उंगली डालकर उसे निकालने की पूर्ण कोशिश करें। गले में फंसी चीज नहीं दिख रही तो उंगली डालने की कोशिश कतई नहीं करें। वरना वह चीज और ज्यादा फंस जाएगी।

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