न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर लोकसभा सीट पर मुकाबला काफी रोचक ही चल रहा है। इस सीट पर सभी पार्टियों ने नए प्रत्याशी पर दांव लगाया है। कांग्रेस के टिकट पर आलोक मिश्रा भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर रमेश अवस्थी हैं। वहीं बसपा से कुलदीप भदौरिया के बीच मुख्य मुकाबला बना हुआ है।
गंगा किनारे बसी औद्योगिक नगरी कानपुर देश की हाईप्रोफाइल सीटों में से एक है। पूर्व की मैनचेस्टर कही जाने वाली कानपुर लोकसभा पर कौन प्रत्याशी जीत दर्ज करेगा, इसको लेकर लोगों में काफी उत्साह है। पहले राउंड की मतगणना में इस सीट भाजपा के रमेश अवस्थी आगे चल रहे हैं।
कानपुर लोकसभा सीट में पांच विधानसभाएं आती हैं। जिसमें गोविंद नगर, सीसामऊ, आर्य नगर, किदवई नगर और कैंट विधानसभा सीटें शामिल हैं। कानपुर लोकसभा सीट पर चौथे चरण में 13 मई को मतदान हुआ था। इस सीट पर लगभग 16,62,859 मतदाता हैं, जिसमें लगभग 8,82,074 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जो कि कुल 53.05 प्रतिशत है।
प्रत्याशियों के बीच मुकाबला मुख्य रूप से बना हुआ। मतदाताओं के सामने भाजपा की ओर से रमेश अवस्थी, कांग्रेस से आलोक मिश्रा, बसपा से कुलदीप भदौरिया, सभी जन पार्टी से अशोक पासवान, ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक के प्रशस्त धीर, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर आफ इंडिया के वालेंद्र कटियार, प्राउटिस्ट ब्लॉक इंडिया संजय सिंह, निर्दलीय अजय कुमार मिश्रा, अरविंद कुमार श्रीवास्तव, आलोक मिश्रा और मनोज कुमार ने लोकसभा चुनाव 2024 में अपना भाग्य अजमाया।
इस सीट पर स्थानीय स्तर पर बंद मिलें, प्रदूषण, जलभराव, जाम और अतिक्रमण जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राहुल गांधी, अखिलेश यादव के साथ ही मायावती जैसे स्टार प्रचारकों ने अपने प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की थी।
भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट पर तत्कालीन सांसद और वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी का टिकट काटकर सत्यदेव पचौरी मुख्य रूप से दिया था। सपा-बसपा में गठबंधन होने के कारण सपा ने इस कानपुर लोकसभा सीट पर राम कुमार को मैदान में उतारा था। वहीं कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को मैदान में उतारकर चुनाव दिलचस्प बनाया था।

