न्यूज़लिंक हिंदी। कांग्रेस अब अपनी खोई हुई सियासी ताकत वापस पाने में जुटी, लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने वर्षों से खोई सियासी ताकत पाने के प्रयास तेज किए हैं।
सबसे पहला दांव विधानसभा उपचुनाव में सीसामऊ सीट पर चल सकती है। यहां मतों के आकलन से नेतृत्व तक बात पहुंचाई है। कांग्रेसी सीट पर नियुक्त किए गए प्रभारी सांसद किशोरी लाल शर्मा के आने का इंतजार कर रहे हैं। अंदरखाने तैयार रोडमैप प्रभारी के सामने रख कांग्रेस की मजबूती बताएंगे।
अभी भले विधानसभा उपचुनाव को लेकर अभी तक बिगुल नहीं बजा है, पर भाजपा के साथ सपा-कांग्रेस व बसपा की सीसामऊ विधानसभा सीट पर तैयारी तेज है। भाजपा ने कद्दावर नेता उतारे हैं। सपा ने अपना प्रभारी तय कर दिया है। कांग्रेस ने गांधी परिवार के करीबी किशोरी लाल शर्मा को प्रभार सौंपा है। बसपा भी पूर्ण रूप से सक्रिय है।
कांग्रेस व सपा आइएनडीआइए के हिस्सा हैं लेकिन इनके बीच कतरब्योंत दिख रही है। पहले सपा व फिर कांग्रेस ने प्रभारी घोषित किया। कांग्रेस के सिपहसालार नेतृत्व तक बात मुख्य रूप से पहुंचा रहे हैं कि इस सीट पर 2022 में विधायक चुने गए इरफान सोलंकी लगभग 11 हजार मतों से जीते थे।
उनके जेल जाने के बाद उपचुनाव की अब स्थिति बनी हुई है। इस बीच 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी आलोक मिश्र ने यहां भाजपा से लगभग 27 हजार वोटों की लीड ली। लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने वर्षों से खोई सियासी ताकत पाने के प्रयास तेज किए हैं।

