न्यूज़लिंक हिंदी, कानपुर। शहर की तरह गांवों में घर-घर जाकर कूड़ा उठान शुक्रवार को कल्याणपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत बगदौधी बांगर से शुरू किया गया। ये व्यवस्था स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत शुरू की गई है। जिलाधिकारी विशाख जी ने गांव पहुंचकर कूड़ा निस्तारण की तैयारियों का जायजा किया।
आपको बता दे कि ग्राम पंचायत में खुली बैठक कर लोगों के सामने शुल्क तय किया। इसके तहत गांवों में घरों से 30 रुपये और प्रतिष्ठानों से एक हजार रुपये शुल्क लिया जाएगा। अगर यह मॉडल सफल हुआ, तो पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। पहले चरण के तहत सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ किया गया था।
अब दूसरे चरण में सबसे पहले 16 ग्राम पंचायतों को घर-घर कूड़ा उठान के लिए चिह्नित किया गया है। इसी के तहत शुक्रवार को डीएम ने बगदौधी गांव में पहुंचकर ग्रामीणों के साथ खुली बैठक की। उन्होंने घरों से निकलने वाले कूड़े का मूल्यांकन किया।
खुले में कूड़ा फेंकने पर कार्रवाही
इसके बाद अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत में प्रत्येक घर, संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों से दो शिफ्ट में कूड़ा उठान किया जाएगा। इसके लिए वाहन किराए पर लेने के निर्देश दिए हैं। खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ये है शुल्क निर्धारण
शिक्षण संस्थानों से प्रतिमाह 1000, दुकानों से 100, बैंकों से 1000, आवासीय फ्लैट से 100, होटलों से प्रतिमाह 1000, पेट्रोल पंप से 500, कारखानों व उद्योगों से 5000 रुपये वसूला जाएगा। ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित शराब ठेका से एक हजार, मैरिज लॉन व बरातघर से प्रति कार्यक्रम शुल्क लिया जाएगा। बैठक में सभी स्टॉक होल्डर्स की सहमति से शुल्क तय किया गया है।
डीएम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का निरीक्षण कर कूड़ा निस्तारण प्रक्रिया को देखा। बैठक में एडीएम सप्लाई अजित कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी गजेंद्र निरंजन, जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर, खंड विकास अधिकारी कल्याणपुर ज्योत्सना समेत ग्राम पंचायत के ग्रामीण, स्टेक होल्डर्स, ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सचिव मौजूद रहे।

