Kanpur Fire: शॉर्ट सर्किट से लगी आग, दमकल की गाड़ियों ने छह घंटे में पाया काबू, पुलिस घटना की जांच में जुटी

आपको बता दे कि सूचना पर फायर ब्रिगेड की एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के दौरान ये दोनों ही फैक्टरियां बंद थीं। इसके चलते कोई भी कर्मचारी चपेट में नहीं आया। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की पुष्टि हुई है।

0
425

न्यूज़लिंक हिंदी, कानपुर। पनकी साइट नंबर-दो में शॉर्ट सर्किट से केमिकल फैक्टरी में भयानक आग लग गई। इस आग की चपेट से बगल वाली फैक्टरी भी धुएं से धधक उठी। आपको बता दे कि सूचना पर फायर ब्रिगेड की एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के दौरान ये दोनों ही फैक्टरियां बंद थीं। इसके चलते कोई भी कर्मचारी चपेट में नहीं आया। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की पुष्टि हुई है।

सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि पनकी साइट नंबर-दो में पारस गुप्ता की सनराइज केमिकल के नाम से फैक्टरी है। इसमें केमिकल बनाने के साथ ही फिनायल व अन्य रसायनों से संबंधित उत्पाद बनाए जाते हैं।

सिक्योरिटी गार्ड बाबूराम ने आग लगने की सूचना फैक्टरी मालिक पारस गुप्ता और फायर ब्रिगेड के कंट्रोल रूम के साथ पड़ोसियों को दी। देखते ही देखते केमिकल के ड्रमों में लगी आग ने पूरी फैक्टरी को अपने चपेट में ले लिया। वहीं ठीक बगल में मौजूद अजय अरोड़ा की प्रेम इंटरप्राइजेज को भी आग ने अपने चपेट में ले लिया।

ये भी पढ़ें : नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन में रहते तो पीएम बन सकते थे- सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव

जानकारी अनुसार, मौके पर पनकी, लाटूश रोड और कर्नलगंज से फायर ब्रिग्रेड की एक दर्जन गाड़ियों ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। वहीं, आग की चपेट में आने से पारस गुप्ता की पूरी फैक्टरी जलकर खाक हो गई। जबकि प्रेम इंटरप्राइजेज को फायर ब्रिगेड ने पूरी तरह जलने से बचा लिया। पुलिस घटना की जांच करने में जुटी है।

चारों तरफ से पानी नहीं डाला जाता तो….
सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि फायर ब्रिगेड की एक दर्जन गाड़ियों ने छह घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। आग की विकरालता को देख पीछे की फैक्टरी से आग को काबू किया गया। तब जाकर कई घंटे की मशक्कत से आग को नियंत्रित किया जा सका। अगर चारों तरफ से पानी नहीं डाला जाता, तो समय रहते आग बुझाना मुश्किल होता और आसपास की फैक्टरियां भी आग की चपेट में आ जाती।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here