न्यूज़लिंक हिंदी। यूपी के कानपुर में ब्लैक मनी को वाइट करने का खेल बहुत ही चल रहा है। दो हजार के नोट अब चलन से बाहर हो चुके हैं, लेकिन कानपुर आरबीआई में नोटों को बदलने वाला गैंग सक्रिय है। आरबीआई के बाहर दो हजार के नोट बदलने के लिए लंबी लाइन लगी थी।
भीड़ होने की सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर भगदड़ मच गई। लोग पांच और दस के सिक्के छोड़कर भागने लगे। पुलिस एक दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि कोई संगठित गिरोह है। गिरोह के सदस्य मजदूरों को लाइन में लगवाकर दो हजार के नोट बदलवाने का काम करा रहा है।
डंप पड़ी ब्लैक मनी को वाइट करने का काम कर रहा है, जिसमें मजदूरों को मोहरा बनाया जा रहा है। इनमें महिलाएं और युवतियां भी पूर्ण रूप से शामिल हैं। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मजदूरों को नयागंज, कपड़ा बाजार, सर्राफा, बिरहाना रोड के कारोबारियों ने लाइन में लगाया था। मजदूर आरबीआई में लाइन में खड़े होकर 20 हजार रुपये बदलते हैं। इसके बदले में उन्हें लगभग 300 से 500 रुपये मिलते हैं।
आरबीआई की रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया था कि 8202 करोड़ के नोट पब्लिक की जेब में हैं। जानकारों का मानना है कि दो हजार के नोट आरबीआई में बदले जा रहे हैं। कानपुर में दो हजार के नोटों की बड़ी खेप कानपुर पहुंचाई गई है। एक संगठित गिरोह नोटों को बदलवाने का काम कर रहा है।
कानपुर में यूपी का सबसे बड़ा कपड़ा बाजार, सर्राफा बाजार, टेनरी, उद्योग धंधे हैं। इसकी वजह से गिरोह के सदस्यों ने कानपुर को चुना है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि दो हजार के नोटों को बदलवाया जा रहा है। इस प्रकरण में जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

