न्यूज़लिंक हिंदी। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एक बंद मदरसे में एक आठ साल की बच्ची का कंकाल मिला है। यह मदरसा कोविड के बाद से लगातार बंद ही था। दो वर्ष पहले इसके संचालक का भी निधन हो चुका है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ जांच पड़ताल शुरू कर दी है। बता दें इस मदरसे को उलूम नाम से संचालित किया जाता था। चार साल से बंद पड़े मदरसे में एक आठ साल की बच्ची का कंकाल मिला है। यह मदरसा कोविड के बाद से लगातार बंद था। दो वर्ष पहले इसके संचालक का भी निधन भी हो चुका है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस और फॉरेंसिक जांच में बड़े बाल और हाफ पैंट व टीशर्ट मिली है। वहीं, छबीलेपुरवा में रहने वाले एक परिवार ने अगस्त 2023 में लापता 10 वर्षीय बच्चे का कंकाल होने की आशंका भी जताई है। उधर, संचालक का परिवार मदरसा चार साल से बंद होने का मुख्य दावा भी कर रहा है।
जाजमऊ के पोखरपुर फार्म के पास बेकनगंज निवासी शब्बीर अहमद का दो मंजिला मकान है, जिसमें उनके दामाद नई सड़क निवासी परवेज अख्तर कादरिया उलूम नाम से मदरसा मुख्य रूप से संचालित करते थे। मदरसे में 70 से ज्यादा बच्चे पढ़ते थे, लेकिन चार साल पहले कोविड काल मे मदरसा बंद कर दिया गया था। दो साल पहले परवेज का कैंसर से निधन भी हो गया।
बुधवार दोपहर केडीए कॉलोनी में उनके भांजे अनस ने मदरसे का गेट का ताला टूटा देखा तो पड़ोसियों के साथ अंदर गए, जहां पीछे के कमरे में करीब आठ साल की बच्ची का कंकाल पड़ा मिला। मौके पर एसीपी अजय त्रिवेदी, फोरेंसिक टीम व जाजमऊ थाने का फोर्स पहुंचा और जांच पड़ताल तुरंत शुरू की।
सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार ने ये भी बताया कि कंकाल का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा। डीएनए जांच के लिए नमूने भी भेजे जाएंगे, जिससे लड़की है या लड़की इसकी भी पुष्टि भी हो सकेगी। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई पूर्ण रूप से की जाएगी।

