उत्तर प्रदेश में अब मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने मेट्रो का उन्नाव तक विस्तार करने का खाका खींचा है।
फिर योजना के तहत शहर में मेट्रो का नेटवर्क 2035 तक बढ़कर 107.32 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा।
और फिर 2030 यह विस्तार पनकी, चकेरी, कैंट तक होगा। फिर 2035 तक उन्नाव तक हो जाएगा।
यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार ने मास्टर प्लान में प्रस्तावित संभावित परियोजनाओं की जानकारी के लिए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को पत्र भी लिखा है।
और फिर विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में ही काम कर रहे यूपीएमआरसी को इसके लिए मेट्रो को आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय से पिछले साल 24 अक्तूबर और प्रदेश के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से ही बीती 12 मार्च को सैद्धांतिक अनुमति भी मिल चुकी है।
यदि तय डेडलाइन के हिसाब से इस पर अमल हुआ, तो 2030 तक 79 किलोमीटर और 2035 तक 107.32 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क भी होगा।
इसके अलावा नौ कॉरिडोर के तहत निर्मित होने वाले इन रूटों पर मेट्रो फर्राटा भरेंगी।
फिर यूपीएमआरसी 23.8 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-एक के तहत आईआईटी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक मेट्रो भी चला रहा है।
फिर वहां से नौबस्ता तक अप लाइन में मेट्रो संचालन के लिए ट्रायल चल रहा है जबकि इसी रूट की डाउन लाइन में चार-छह दिन में ट्रायल शुरू होने की पूर्ण संभावना भी है।
फिर इसके अलावा नौबस्ता मेट्रो स्टेशन को 5.9 किलोमीटर दूर बर्रा-आठ मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए राइट्स संस्था ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी तैयार कर केडीए को सौंपी भी है।
इसके साथ ही डीपीआर को शासन से जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद भी है। फिर अब आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय से और उत्तर प्रदेश के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की सहमति से 2035 तक के लिए कार्ययोजना भी तैयार की गई है।
फिर इसके तहत शहर में मेट्रो के नौ कॉरिडोर होंगे। और फिर 2030 तक के लिए विशेष रूप से पांच कॉरिडोर के तहत 76.51 किलोमीटर नेटवर्क पूरा करने की योजना भी है।