Kanpur Metro: रावतपुर से डाउनलाइन पर लांच हुई टीबीएम मशीन, कॉरिडोर-2 अंडरग्राउंड सेक्शन के डाउनलाइन पर शुरू होगा टनल निर्माण

मेट्रो कॉरिडोर-2 सीएसए से बर्रा-8 के अंडरग्राउंड सेक्शन में टनल निर्माण कार्य जारी है। अप-लाइन पर ‘गोमती‘ टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ने रावतपुर से कंपनी बाग चौराहे की दिशा में बढ़ते हुए कॉरिडोर-2 डिपो रैंप तक लगभग 620 मीटर लंबे टनल का निर्माण हाल ही में पूरा किया है।

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कानपुर मेट्रो।

मेट्रो कॉरिडोर-2 सीएसए से बर्रा-8 के अंडरग्राउंड सेक्शन में टनल निर्माण कार्य जारी है। अप-लाइन पर ‘गोमती‘ टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ने रावतपुर से कंपनी बाग चौराहे की दिशा में बढ़ते हुए कॉरिडोर-2 डिपो रैंप तक लगभग 620 मीटर लंबे टनल का निर्माण हाल ही में पूरा किया है। अब इस स्ट्रेच के ‘डाउनलाइन‘ में भी जल्द टनल निर्माण शुरू होगा। इसके लिए मंगलवार को रावतपुर स्टेशन के निकट स्थित लॉन्चिंग शाफ्ट में परियोजना की छठी और कॉरिडोर-2 की दूसरी टीबीएम मशीन के सभी हिस्सों को लोअर यानी जमीन के नीचे उतारने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इन हिस्सों के लोअरिंग के बाद अब टीबीएम मशीन के सभी भागों और घटकों के असेंबलिंग की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने इस दौरान निर्माणाधीन स्टेशनों का दौरा किया और विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के अंतर्गत रावतपुर एलिवेटेड स्टेशन से जुड़कर बन रहा अंडरग्राउंड स्टेशन, कानपुर मेट्रो के दोनों कॉरिडोर को जोड़ने वाला अहम स्टेशन होगा। यहां पिछले साल अप्रैल से डी-वॉल डालने का कार्य शुरू किया गया था। टॉप-डाउन प्रणाली से स्टेशन निर्माण कार्य के साथ-साथ यहां से टनलिंग के लिए टीबीएम मशीन भी लॉन्च होनी थी, जिसके लिए दो लॉन्चिंग शाफ्ट बनाए गए थे। यहां से ‘अप-लाइन‘ पर कंपनी बाग चौरहा की दिशा में लॉन्च होने के बाद ‘गोमती‘ टीबीएम मशीन ने 23 जनवरी को लगभग 620 मीटर लंबा टनल बनाकर अपना पहला ब्रेकथ्रू हासिल किया था। अब इसी स्ट्रेच के ‘डाउनलाइन‘ पर टनल निर्माण के लिए एक और टीबीएम मशीन के सभी हिस्सों को लोअर करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि, ‘‘कानपुर मेट्रो की टीम मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक यात्री सेवा के विस्तार के लिए पूरी प्रतिबद्धता से जुटी हुई है। दूसरे कॉरिडोर में भी तेजी से काम चल रहा है।

14 दिनों तक चली लोअरिंग प्रक्रिया में टीबीएम मशीन के हिस्सों को लगभग 15 मीटर गहरे लॉन्चिंग शाफ्ट में जमीन के नीचे उतारा या लोअर किया गया। सबसे पहले इस मशीन के लगभग 120 टन वजनी ’फ्रंट शील्ड’ को लोअर किया गया, जिसके बाद एक- एक करके मिडिल शील्ड, कटरहेड, स्क्रू कन्वेयर, टेल शील्ड आदि हिस्से उतारे गए। टीबीएम मशीन के सभी भागों को लोअर करने के बाद इन्हें यांत्रिक घटकों, तारों आदि से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद यह मशीन सबसे पहले रावतपुर से कंपनी बाग चौराहे की दिशा में कॉरिडोर-2 डिपो रैंप तक लगभग 620 मीटर लंबे टनल का निर्माण करेगी।

विदित हो कि जमीन के नीचे लोअर की गई या उतारी गई यह टीबीएम मशीन कानपुर मेट्रो की अब तक की छठी टीबीएम मशीन है। इससे पूर्व टनल निर्माण के लिए कॉरिडोर-1 के अंतर्गत ‘नाना‘, ‘तात्या‘, ‘आजाद‘ और ‘विद्यार्थी‘ तथा कॉरिडोर-2 के अंतर्गत ‘गोमती‘ टीबीएम मशीनों का प्रयोग किया गया है।

बता दें कि लगभग 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के अंतर्गत लगभग 4.10 किमी लंबे अंडरग्राउंड और लगभग 4.50 किमी लंबे एलिवेटेड सेक्शन का निर्माण किया जा रहा है। सीएसए से बर्रा-8 की दिशा में जाने वाली ट्रेन कृषि विश्वविद्यालय एलिवेटेड स्टेशन से आरंभ होने के बाद आगे बढ़कर अंडरग्राउंड हो जाएगी और रावतपुर, काकादेव व डबल पुलिया अंडरग्राउंड स्टेशन होते हुए वापस जमीन के ऊपर आएगी। इसके बाद ट्रेन एलिवेटेड रूट से विजयनगर चौराहा, शास्त्री चौक और बर्रा-7 होते हुए बर्रा-8 पहुंचेगी।

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