न्यूज़लिंक हिंदी। उपचुनाव की आहट को लेकर मतदाता सूची दुरुस्त कराने की प्रक्रिया में बीएलओ हटाने के मुद्दे पर सपा व भाजपा में टकराव के बीच नया अब नया मोड़ आया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से बीएलओ हटाने पर मांगे जवाब में भेजी रिपोर्ट से पता चला है कि बीएलओ जातिगत नहीं, कार्य में लापरवाही को लेकर हटे। सौ से अधिक बीएलओ हटाने व नई नियुक्तियों पर प्रशासन ने जवाब भेजा है।
सपा की नगर इकाई ने बीएलओ के हटाने का मुद्दा पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव तक भी पहुंचाया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इसकी शिकायत सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने संयुक्त रूप से की थी। शिकायत में कहा गया था कि सीसामऊ विधानसभा सीट में 98 से अधिक मुस्लिम बीएलओ को हटा गैर मुस्लिम बीएलओ तैनात कर दिए गए।
उपचुनाव व मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका पर जांच भी शुरू हुई थी। कई गैर मुस्लिम परिवारों के नाम हटाए हैं। इनपर कोई नियंत्रण नहीं है। पूरे प्रकरण की जांच मुख्य रूप से कराई गई। प्रशासन की ओर से इसकी रिपोर्ट भी भेज दी गई है, जिसमें बीएलओ हटाने की प्रक्रिया को क्लीनचिट भी दी गई है।

