कानपुर के बिठूर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे हाईटेक चोर गिरोह का राजफाश किया है।
जो सेंधमारी के लिए सीढ़ी भी नहीं, ‘आसमान’ का रास्ता भी चुनता था। और फिर यह गिरोह कार में ड्रोन का पूरा सेटअप लेकर चलता था।
इसके साथ ही ड्रोन से ताला बंद घरों की रेकी करता था फिर छत पर जाने व निकलने के रास्तों को देखकर घर में घुसता था।
फिर इसके बाद, इत्मिनान से पूरा माल साफ कर देता था। और फिर इस गिरोह के मास्टरमाइंड दो सगे भाई निकले, जो बुआ के बेटे के साथ मिलकर वारदात को अंजाम भी देते थे।
और फिर तीनों ने बीती तीन नवंबर को एक पुलिसकर्मी के घर से 15.25 लाख की चोरी की थी।
फिर एक साल के भीतर कुल 40 वारदातें कीं और चोरी की कमाई से महज एक साल के भीतर 70 लाख से ज्यादा की प्रापर्टी भी खड़ी कर ली।
साथ ही आरोपितों ने एक सर्राफ का नाम भी बताया है, जिसे वे चोरी के जेवर बेचते थे। चोरों पर अब गैंग्स्टर और संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।
और फिर मूलरूप से कानपुर देहात के शिवली फत्तेपुर निवासी चंद्रशेखर जाटव फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ में पुलिस विभाग में तैनात हैं।
और फिर तीन साल पहले वह परिवार के साथ मंधना के बगदौधी कछार में परिवार के साथ रहने आए थे। फिर उनकी बेटी डा. शिल्पी जीएसवीएम मेडिकल कालेज में प्रोफेसर हैं।
और फिर शिल्पी की बीती तीन नवंबर को बिठूर के एक गेस्ट हाउस से शादी थी। घर पर ताला लगा था।
फिर उसी रात चोर घर से 7.75 लाख रुपये नकद व 7.50 लाख के जेवर पार कर ले गए थे। और फिर डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि चोरों को पकड़ने के लिए टीम भी लगी थी।
और फिर गुरुवार देर रात क्राइम ब्रांच और बिठूर थाना पुलिस ने पेम गांव मैदा फैक्ट्री के पास से कार सवार मैनपुरी के आजाद नगर में ही कांशीराम कालोनी निवासी मुकेश राजपूत, उसके भाई आकाश राजपूत उर्फ ढिल्ला और बुआ के बेटे मनोज कुमार उर्फ सूरज को पकड़ा।
और फिर तीनों पहले मैनपुरी में चोरियां भी करते थे। और फिर वहां दबाव बढ़ने पर वे सालभर पहले शहर आ गए और तीनों पहले मकड़ीखेड़ा, फिर मंधना और अब शिवली के बाघपुर शेखपुर गांव में रह रहे थे।
फिर इसके बाद चोरी की काली कमाई से तीनों ने कानपुर देहात के शिवली में सालभर के भीतर 70 लाख से ज्यादा की तीन संपत्तियां खरीद लीं।
और फिर आरोपितों ने बाघपुर शेखपुर में लगभग 30 लाख का 150 वर्ग गज का एक मकान और 40 लाख में 200 और 75 वर्ग गज के दो प्लाट खरीदे हैं। और फिर गिरोह का सरगना आकाश है।
इसके साथ ही गाड़ी में अधिवक्ता लिखा होने से जल्दी कोई उन पर शक नहीं करता था। और फिर तीनों ने बताया कि वे पढ़े लिखे नहीं हैं।
और आकाश पर मैनपुरी में आबकारी अधिनियम, चोरी, आर्म्स एक्ट में आठ और बिठूर में तीन मुकदमे दर्ज हैं। फिर वहीं मुकेश पर पांच और मनोज पर चार मुकदमे भी दर्ज़ हैं।
और फिर एक कार, ड्रोन, 176 नेपाली सिक्के, स्मार्ट वाच, एलईडी टीवी, गैस कटर, सिलिंडर, लाखों के चोरी किए जेवर, कीपैड मोबाइल फोन, 18,500 रुपये नकद भी बरामद किए।