पान मसाला, तंबाकू और सिगरेट उत्पादों पर अब रविवार से 40 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर के अलावा स्वास्थ्य एवं सुरक्षा उपकर और उत्पाद शुल्क भी लग गया है।
फिर इससे इन उत्पादों की कीमत में रविवार से ही 40 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ोतरी हो गई है।
और फिर दाम बढ़ने के साथ ही बाजार में टैक्स चोरी का माल खपाने की आशंका भी बढ़ गई है।
फिर इससे निपटने के लिए अब केंद्रीय जीएसटी की टीम पर बड़ी कार्रवाई का दबाव भी बढ़ गया है। और विभाग की जांच टीमों को पहले से ही अलर्ट किया गया है।
इसके साथ ही पान मसाला कंपनियों से अभी प्रति मशीन सरकार 18 लाख रुपये का शुल्क भी लेती आ रही है।
और मर्चेंट्स चैंबर आफ उप्र की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता ने बताया।
कि फैक्ट्री संचालकों की अपनी इकाई में लगी मशीनों की संख्या उनकी अधिकतम उत्पादन क्षमता के साथ पूरी जानकारी विभाग को ही देनी है।
और फिर कंपनियों की घोषणा के 10 दिन के भीतर जीएसटी व एक्साइज विभाग की टीम सभी फैक्ट्रियों में जाकर मशीनों का भौतिक सत्यापन भी कराएगी।
फिर इस प्रक्रिया को पूरी करने में समय लग सकता है। इस बीच एक फरवरी से नए नियम और कर की दर लागू हो गई है तो अब टैक्स भी नए नियमों के अनुसार ही जमा भी कराया जाएगा।
और फिर पान मसाला और सिगरेट के दामों में 15 से लेकर 40 प्रतिशत तक वृ़द्धि हुई है।
सोमवार को बाजार खुलने पर पता चलेगा कि नए प्रिंट वाले उत्पाद बाजार में आएंगे या पुराने पर ही अधिक टैक्स ही देना होगा।