कानपुर-इटावा हाईवे पर ही पनकी के सरायमीता के पास तीर्थयात्रियों से भरी डबल डेकर बस खड़े ट्रक को बचाने के चक्कर में पीछे से उसमें जा भिड़ी।
फिर इस हादसे में महिला तीर्थयात्री समेत की मौत हो गई जबकि करीब 50 तीर्थयात्री घायल हो गए।
और फिर हादसे के बाद हाईवे पर चीख पुकार मच गई और दोनों तरफ जाम लग गया।
फिर पुलिस और एनएचएआइ की टीम ने एंबुलेंस से घायलों को एलएलआर अस्पताल भेजा।
सभी तीर्थयात्री नेपाल पशुपति नाथ दर्शन को जा रहे थे। घायल कई तीर्थ यात्रियों की हालत अभी नाजुक बताई जा रही है।
इसके साथ ही कानपुर-इटावा हाईवे पर शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे पनकी सराय मीता के पास हाईवे किनारे खराब खड़े ट्रक को बचाने के लिए कंटेनर चालक ने ब्रेक लगाई।
जिसके पीछे राजस्थान से टाइल्स पत्थर लेकर आ रहे टेलर के चालक ने भी ब्रेक लगा दी। फिर तभी पीछे से आई तेज रफ्तार बस टेलर में जा भिड़ी जिससे बस का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।
और फिर हादसे भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टेलर में बस की सीट फंस गई और पीछे लदे तमाम टाइल्स तक भी टूट गए।
और फिर इस हादसे में एक तीर्थयात्री की मौत हो गई जबकि करीब 50 लोग घायल हो गए।
पुलिस के मुताबिक डबल डेकर बस नासिक से 57 तीर्थ यात्रियों को लेकर अयोध्या होते हुए नेपाल के रास्ते पशुपति नाथ मंदिर जा रही थी।
फिर एनएचआई की रेस्क्यू टीम के सदस्य बीपी सक्सेना ने बताया कि घायलों को तुरंत उपचार के लिए एलएलआर भी भेजा गया है।
इसके अलावा पनकी थाना प्रभारी मनोज भदौरिया ने ये भी बताया कि डबल डेकर बस में कुल 57 लोग बस में सवार थे।
फिर जिसमें से एक तीर्थयात्री की मौत हो गई है जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल है।
और फिर हादसे की सूचना पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि रेस्क्यू टीम ने बस में फंसे हुए घायलों को भी निकाला।
और फिर बस में सिलिंडर भी रखे हुए थे अगर कहीं उसमें आग लग जाती तो कई यात्रियों की जान भी जा सकती थी। हालांकि समय रहते सभी को पूरी तरह से सुरक्षित निकाल लिया गया।