Kanpur News: बारिश की वजह से उद्योगों के 80 करोड़ गए पानी में

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मंगलवार सुबह हुई झमाझम बरसात ने उद्योगों के 80 करोड़ के टर्नओवर को एक ही बार में झटका दिया है।

और फिर ढाई हजार से ज्यादा फैक्टरियों में पानी भरने से माल खराब हो गया। फैक्टरियों में सुबह की पाली 50 प्रतिशत श्रमिकों और कर्मचारियों के न आने पर शुरू नहीं हो पाई।

जिन फैक्टि्रयों में कर्मचारी आए वहां दोपहर 12 बजे से बिजली गुल हो गई। साथ ही दादानगर, पनकी साइट एक, दो, तीन, चार और पांच, फजलगंज, इस्पातनगर-व्यापारनगर में 10 हजार के करीब अलग-अलग इकाइयां हैं।

पनकी साइट एक से पांच तक 1500-2000 इकाइयां हैं। और फिर बरसात के चलते निचले इलाकों वाली इकाइयों में जलभराव हो गया।

उद्यमियों ने बताया कि पहली पाली सुबह सात बजे से शुरू होती है। और फिर केमिकल, प्लॉस्टिक, इंजीनियरिंग, पैकेजिंग उद्योग अनवरत चलते हैं।

इनमें दिन-रात काम होता है। श्रमिक और कर्मचारियों के न आने से उत्पादन प्रभावित रहा। और पनकी और फजलगंज औद्योगिक क्षेत्र में सुबह नौ बजे के करीब बिजली चली गई।

यहां पर 1200 से अधिक इकाइयां हैं। बिजली न आने से इन इकाइयों में कच्चा माल खराब हो गया। उत्पादन भी नहीं हो सका।

और फिर इसके अलावा जब-जब बिजली आई तो ट्रिपिंग शुरू हो गई। आईआईए के मंडल अध्यक्ष दिनेश बरासिया ने बताया कि फैक्टरियों में पानी भर गया और 50 प्रतिशत श्रमिक-कर्मचारी काम पर ही नहीं आए।

और फिर पहली पाली में उत्पादन नहीं हो सका। नगर निगम दादानगर, अपट्राॅन इस्टेट, उद्योग कुंज क्षेत्र के रखरखाव का काम देखता है।

और फिर इसके बाद भी जलभराव की स्थिति बनी रहती है। नालों और नालियों को साफ तक नहीं किया गया।

जब इनके अफसरों से कहो तो वे यूपीसीडा का क्षेत्र होने की बात कहते हैं जबकि यूपीसीडा पनकी साइट एक से पांच, बजरंग इस्टेट और इस्पातनगर-व्यापारनगर क्षेत्र देखता है।

और आगे उन्होंने कहा कि एक बहुराष्ट्रीय कंपनी सालाना 30 लाख का भुगतान नगर निगम को करती है। उसकी फैक्टरी में जगह-जगह पानी भर गया।

पीआईए के अध्यक्ष मनोज बंका का कहना है कि पनकी साइट एक से पांच तक स्थित 15000-2000 इकाइयों में पानी भर गया।

और फिर इससे उत्पादन तो प्रभावित रहा और माल भी खराब हो गया। और फिर फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल ने बताया कि फजलंगज, पनकी क्षेत्र की तमाम फैक्टरियों में पानी भरने से उत्पादन प्रभावित रहा।

और फिर कई क्षेत्रों में बिजली भी सुबह से चली गई। कुल 80 करोड़ के कारोबार का नुकसान हुआ। जलभराव से श्रमिक-कर्मचारी सुबह काम पर ही नहीं आए।

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