अमेरिका-इजराइल हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता सैय्यद अली अयातुल्लाह खामेनेई की मौत के बाद अब मुस्लिमों में बहुत ही आक्रोश व्याप्त है।
और फिर अमेरिका व इजराइल के विरुद्ध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। और खामेनेई की याद में मजलिस आयोजित की जा रही है, कैंडल मार्च निकाला जा रहा है।
फिर सोमवार को नवाबगंज स्थित बड़ी कर्बला, जूही सफेद कालोनी, रजबी रोड पर खामेनेई के चित्र लेकर प्रदर्शन भी किए गए।
और फिर मस्जिदों में अमेरिका व इजरायल की तबाही व ईरान की हिफाजत की दुआ की गई। फिर इस दौरान शिया व सुन्नी मुस्लिम एकजुट दिखाई दिए।
और शिया जामा मस्जिद जूही लाल कालोनी से शिया व सुन्नी विचारधारा के मुस्लिमों ने एक साथ प्रदर्शन भी किया।
इसके साथ ही महिलाओं व बच्चियों ने कैंडल मार्च निकाल कर खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। और फिर इजराइल व अमेरिका के विरोध में नारे भी लगाए गए।
मौलाना अलमदार हुसैन ने कहा कि खामेनेई ने जालिम ताकतों के सामने कभी सिर भी नहीं झुकाया।
और फिर मौलाना अब्बास मेहदी, मौलाना अली अब्बास, हाजी इशरत अली, मोहम्मद सईद, नायाब आलम, मौलाना फिरोज, दानिश रिजवी आदि उपस्थित भी रहे।
और फिर हुसैनी फेडरेशन ने रजबी रोड स्थित कार्यालय में मजलिस आयोजित की। और फिर अमेरिका व इजराइल मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।
फेडरेशन के चेयरमैन हाजी कबीर जैदी ने जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करना वक्त की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
और फिर डा. जुल्फिकार अली रिजवी, हाजी कमर आबिदी, ताजदार हुसैन, मुजीबुल हसन रिजवी, ताजदार हुसैन आदि उपस्थित भी रहे।
इसके अलावा नवाबगंज स्थित बड़ी कर्बला में अमेरिका व इजराइल के विरुद्ध प्रदर्शन कर आक्रोश भी व्यक्त किया गया।
और फिर दोनों देशों के विरुद्ध नारे भी लगाए गए। और प्रदर्शन में शामिल लोग हाथों में खामेनेई के चित्र व मोमबत्तियां लिए थे।
फिर बड़ी कर्बला के मुतवल्ली काशिफ नकवी, कफील कुरैशी, सैय्यद अजहर, मोहम्मद लारैब, ऐमन रिजवी, इब्ने हसन जैदी, सैय्यद आरिफ, अली रजा, मुंतजिर रिजवी आदि लोग उपस्थित रहे।