न्यूज़लिंक हिंदी। सबमर्सिबल बोरिंग के लिए दीवार तोड़ने को लेकर चचेरे भाइयों व भतीजों ने हैवानियत की सारी हदें पर की , बुजुर्ग किसान को पीट-पीट कर मार डाला। बिधनू के मझावन गांव में हुई इस घटना को लेकर पीड़ित परिवार ने थाना पुलिस पर आरोपितों से मिलीभगत करके उनके परिवार को प्रताड़ित करने का पूर्ण आरोप लगाया है।
हालांकि पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग की मौत बीमारी से हुई है। मारपीट के आरोप गलत हैं। मझावन निवासी 65 वर्षीय किसान उमाशंकर गुप्ता का पड़ोसी चचेरे भाइयों भोला और गोपी से आठ फुट जमीन के हिस्से को लेकर बहुत विवाद हुआ था। मंगलवार दोपहर उमाशंकर जगह की कमी होने की वजह से भोला की दीवार के पास सबमर्सिबल की बोरिंग करा रहे थे।
बोरिंग करने में दिक्कत होने से उन्होंने भोला की दीवार की कुछ ईंटे यह कहकर तोड़ दी कि बोरिंग के बाद मरम्मत भी करा देंगे। आरोप है कि दीवार तोड़ने का विरोध करते हुए चचेरे भाई भोला, गोपी अपने बेटे अवधेश और नीलेश के साथ गाली गलौज करते हुए उमाशंकर को लात घूंसों से पीटना शुरू कर दिया।
भोला ने कई लात उनके सीने में मारी और साथ गोपी ने लोहे की रिंच से उनके सिर पर कई वार भी कर दिए। इससे बुजुर्ग की हालत और भी ज्यादा बिगड़ गई। स्वजन उन्हें बिधनू सीएचसी लेकर तुरंत पहुंचे। जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
बेटे आनंद और गोविंद ने बताया कि तीन वर्ष पहले भोला और गोपी ने उनके दरवाजे की आठ फीट जमीन पर पूर्ण कब्जा कर लिया था।उन्हें निकलने के लिए केवल चार फीट की गली दी थी। पिता ने थाना और चौकी जाकर न्याय गुहार भी लगाई थी। आरोप है कि पुलिस ने इसके बाद भी आरोपितों का पक्ष लेकर कब्जा करा दिया था।

