न्यूज़लिंक हिंदी। बच्ची की जान जाने के बाद नगर निगम अधिकारियों को कुत्तों को पकड़ने की याद आई। सोमवार को जब महापौर और नगर निगम अधिकारी मौके पर पहुंचे तो दादानगर सामानांतर पुल के पास खुले में मीट काटकर बेचने वालों को देखकर उनकी आंखें खुल गईं और सारा माजरा समझ में आ गया।
गोविंदनगर सीटीआइ के पास एक गेस्ट हाउस के बाहर देर रात कुत्तों के हमले से चार वर्षीय बच्ची की जान जाने के बाद नगर निगम अधिकारियों को कुत्तों को पकड़ने की याद आई। सोमवार को जब महापौर और नगर निगम अधिकारी मौके पर पहुंचे तो दादानगर सामानांतर पुल के पास खुले में मीट काटकर बेचने वालों को देखकर उनकी आंखें खुल गईं और सारा माजरा समझ में आ गया।
असल में दुकानदार कुत्तों को मांस खिलाते थे, जिससे वहां के आसपास के कुत्ते खूंखार हो चुके हैं। इसके बाद महापौर ने मांस की दुकानों को तुड़वाया। साथ ही कैटल कैचिंग दस्ते ने 70 से ज्यादा कुत्तों को पकड़ा भी है।
सीटीआइ में दादानगर समानांतर पुल के नीचे टट्टर में वेटर का काम करने वाला छोटू पत्नी पूजा, चार वर्षीय बेटी खुशी और दो वर्षीय बेटे भोला के साथ रहता है। वहां देर रात छोटू और पूजा अलग-अलग सो रहे थे। जबकि दोनों बच्चे पास में ही गेस्ट हाउस के गेट के बाहर फर्श पर गद्दा बिछाकर लेटे थे।
देर रात करीब 12 बजे कुत्तों ने दोनों बच्चों पर हमला कर दिया, जिससे खुशी की मौत हो गई और भोला गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना सोमवार को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुई तो सुबह ही अपर नगर आयुक्त मो. आवेश खान,मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी, डा. आरके निरंजन, जोन पांच के अधिकारी विनय प्रताप व कैटल कैचिंग दस्ता पहुंच गया।
कुछ देर बाद ही महापौर प्रमिला पांडेय भी घटनास्थल पर पहुंची, जहां दादानगर समानांतर पुल के बगल में नाले किनारे मुर्गा, मछली, बकरे के मांस की दुकानें संचालित मिलीं, जहां खुले में मांस काटकर बेचा जा रहा था।
लोगों ने बताया कि दुकानदार फेंके जाने वाले मांस को कुत्तों को खिलाते हैं, जिनसे कुत्तों की मांस खाने की आदत हो गई। जब मांस नहीं मिलता है तो वह हिंसक हो जाते हैं और वे लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। सोमवार रात भी इन्हीं कुत्तों ने दोनों बच्चों पर हमला किया था। महापौर ने पुल के पास और निराला नगर स्थित पराग डेयरी रोड किनारे मांस की दुकानों को हटवाया है।
अपर पुलिस आयुक्त विपिन कुमार मिश्रा ने पुलिस इस संबंध में एक अभियान चलाने जा रही है, जिसमें मांस की अवैध दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने वैध दुकानों की लिस्ट भी मांगी जाएगी और इसी के आधार पर अभियान चलेगा। जिनके पास मांस बेचने का लाइसेंस है, वह भी खुले में मांस की बिक्री नहीं कर सकेंगे। नियमों को न मानने वालों पर पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।

