Kanpur News: कैंट एरिया में घूमते-घूमते लगा वायुसेना अधिकारी बनने का चस्का, ड्रेस खरीदकर जताने लगा रौब…ऐसे पकड़ा गया

कैंट एरिया में घूमने जाने वाले एक सख्श को वायुसेना का अधिकारी बनने का चस्का लग गया। यही नही ड्रेस खरीदकर रौब भी गाठने लगा। लेकिन, जब नौकरी लगाने के नाम पर ठगी करने लगा तो राज सामने आ गया।

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न्यूजलिंक हिंदी, कानपुर। भारतीय वायुसेना का स्क्वाड्रन लीडर बताकर वायुसेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने वाले जालसाज को कानपुर के रेलबाजार थाने से पकड़ा गया। आरोपी को एसटीएफ व वायुसेना इंटेलीजेंस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने सैकड़ों बेरोजगार युवकों से भर्ती कराने के एवज में लाखों की ठगी की है। आरोपी के पास से भारतीय वायुसेना का पहचान पत्र समेत अन्य दस्तावेज मिले है।

पिछले काफी दिनों से भारतीय वायुसेना में भर्ती कराने के नाम बेरोजगार युवकों से लाखों रूपये की ठगी करने के मामले सामने आ रहे थे। मामले को संज्ञान में लेकर एसएसपी एसटीएफ के निर्देश पर एएसपी विशाल विक्रम सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। मंगलवार को एसटीएफ व वायुसेना इंटेलीजेंस की टीम को ठगी करने वाले की टाटमिल से रामादेवी जाने की जानकारी मिली। एसटीएफ व इंटेलीजेंस की संयुक्त टीम ने रेलबाजार से उन्नाव जनपद के नवाबगंज, आजाद नगर थाना अजगैन निवासी राहुल राजपूत को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान राहुल के पास से भारतीय वायुसेना का आईडी कार्ड , पांच खाली पहचान पत्र, तीन एटीम, छह भारतीय वायुसेना से संबंधित रबर स्टांप, पासपोर्ट, भारतीय वायुसेना में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए वायुसेना का मेडिकल सर्टिफिकेट समेंत अन्य दस्तावेज बरामद हुए। आरोपी के खिलाफ रेलबाजार थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।

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अधिकारियों से प्रभावित होकर खरीदी वर्दी
पूछताछ में राहुल ने बताया कि वह अपने पिता देशराज राजपूत के साथ दिल्ली के उत्तम नगर में रहता है, जहां से वायुसेना का कैंट एरिया लगभग पांच से छह किलोमीटर की दूरी पर है। बताया कि वह कैंट एरिया में अक्सर घूमने के लिए जाता था, वहां के अधिकारियों के रहन-सहन से काफी प्रभावित होकर उसने वायुसेना की यूनीफार्म व बैच के बारे में जानकरी की। इसके साथ ही वायुसेना के म्यूजियम में जाकर तौर-तरीके व जानकारी इकट्ठा की। इसके बाद कैंट एरिया से स्क्वाड्रन लीडर की सभी प्रकार की यूनीफार्म खरीदी।

परिजनों व रिश्तेदारों पर गांठता था रौब
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक आरोपी राहुल अपने परिजनों, रिश्तेदारों व आसपास के लोगों को भारतीय वायुसेना का स्क्वाड्रन लीडर बताता था। जिससे रिश्तेदार व आसपास के लोग उससे प्रभावित होते थे। इसी के झांसे में आकर बेरोजगार युवक व उनके परिजन वायुसेना में नौकरी लगवाने के लिए संपर्क करते थे। जिसके बाद राहुल ने नौकरी लगवाने व मेडिकल पास कराने के नाम पर लाखों रूपये की ठगी की।

मोबाइल और लैपटॉप का था जानकार
राहुल ने वर्ष 2014 में राजकीय ब्वायज सीनियर सकेंड्री स्कूल जनकपुरी से हाईस्कूल व वर्ष 2016 में इंटर पास किया। इसके बाद मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर रिपेयरिंग कोर्स किया। इसके बाद साफ्टडॉट से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत रिटेल व सेल्स मैनेजमेंट कोर्स किया। इसके साथ ही ट्रोब स्किल्स से पैरामेडिकल कॉले से बीएलएस, एईडी, सीपीआर, ईएमटी का कोर्स वर्ष 2020 में किया।

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