Kanpur News: फर्जी रजिस्ट्री मामले में, लेखपाल समेत सात के खिलाफ आरोपपत्र हुआ दाखिल

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बिल्डरों और राजस्व कर्मियों के गठजोड़ से जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री का अब भंडाफोड़ किया गया है।

और फिर प्रशासन की जांच में कानूनगो से लेखपाल बनाए गए आलोक दुबे सहित सात अन्य लोगों के खिलाफ शनिवार की देर शाम आरोपपत्र भी दाखिल किया गया है।

और फिर सचेंडी के कला का पुरवा निवासी संदीप सिंह की तहरीर पर दर्ज हुए भूमि विवाद के मामले में पुलिस की विवेचना पूरी होने के बाद सात लोगों की संलिप्तता पाई गई है।

और फिर सभी पर स्व. गंगा सिंह के हिस्से की भूमि पर फर्जी रजिस्ट्री कराने का आरोप है। और फिर इसमें राजस्वकर्मियों की मिलीभगत भी सामने आई है।

फिर शिकायत के अनुसार वादी की मां मोहनलाल ने अपने पति के हिस्से की भूमि का कुछ भाग वसीयत और कुछ भाग दानपत्र के माध्यम से पहले ही हस्तांतरित भी कर दिया था।

फिर इसके बावजूद अभियुक्त राजपति देवी पत्नी रघुबीर सिंह निवासी औरैया व राजकुमारी देवी निवासी औरैया ने पूरी भूमि पर दावा जताते हुए रजिस्ट्री भी करा दी थी।

और फिर शेष भूमि का रजिस्टर्ड अनुबंध आईएनजी इंफ्रा के भागीदार अमित गर्ग पुत्र प्रेम नारायण गर्ग निवासी सिविल लाइंस कानपुर के नाम किया गया।

और जांच में यह भी सामने आया कि जिन चेक नंबरों का उल्लेख रजिस्ट्री में हुआ उनका भुगतान ही नहीं किया गया।

साथ ही एडीएम वित्त एवं राजस्व की त्रिस्तरीय जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि दोनों ने यह जानते हुए भी कि विवादित भूमि खतौनी में राजपति और राजकुमारी के नाम ही दर्ज नहीं है।

और फिर अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए तत्कालीन लेखपाल अरुणा द्विवेदी निवासी नौबस्ता तथा कानूनगो आलोक दुबे निवासी कल्याणपुर ने फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराए।

और फिर पुरे मामले में संलिप्त आलोक दुबे पर विजिलेंस की जांच भी जारी है। अब तक की जांच में उनकी करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति का भी पता चला है।

इसके अलावा सरकारी पद पर रहते हुए यदि कोई व्यक्ति भू-माफियाओं या बिल्डरों से मिलीभगत भी करता है तो वह बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा।

और फिर ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई के साथ ही आपराधिक मुकदमे भी दर्ज कराए जाएंगे।

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