Kanpur News : गुर्दे में खराबी युवाओं का ब्लड प्रेशर हो रहा हाई है, जानिए इसके बारे में

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गुर्दे में खराबी युवाओं का ब्लड प्रेशर अब बहुत ही ज्यादा हाई हो रहा है। चिंता की बात यह है कि इन रोगियों का ब्लड प्रेशर एक दवा से कम नहीं होता, उन्हें दो-तीन दवाएं या फिर दवाओं का कॉम्बिनेशन लेना पड़ता है।

और फिर खराबी गुर्दे में पहले होती है और पता पहले ब्लड प्रेशर का चलता है। मल्टी सुपर स्पेशियलिटी एंड पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट के नेफ्रोलॉजी विभाग के सैंपल सर्वे में यह तथ्य का पता चला है।

रोगियों की जांच से पता चला है कि गुर्दे की छन्नियों और नसों में पहले खराबी आती है जिससे रेनिन नामक रसायन निकलता है, जो ब्लड प्रेशर बढ़ा देता है।

साथ ही ओपीडी में हर महीने औसत 1000 गुर्दा रोगी आते हैं। इनमें 100 रोगी ऐसे होते हैं, जिनका ब्लड प्रेशर बढ़ा होता है। उन्हें कई दवाएं बीपी के लिए देनी पड़ती हैं। और फिर इन रोगियों का आयु वर्ग 20 से 40 वर्ष के बीच होता है।

और इनके ब्लड प्रेशर बढ़ने का मुख्य कारण गुर्दे की खराब होना होता है। यह समस्या रोगी को पता नहीं होती। जांचों में गुर्दे की गड़बड़ी पकड़ में आती है। उन्होंने बताया कि गुर्दा रोग का यह एक नया तरह का ट्रेंड सामने आ रहा है।

यह स्थिति बढ़ रही है। रोगियों की हिस्ट्री का अध्ययन किया गया तो कई तरह के बिंदु भी सामने आए हैं।

और आगे उन्होंने बताया कि कुछ में ऑटो इम्यून कारण होते हैं। जो की शरीर की अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली उसे नुकसान पहुंचाने लगती है। इससे रोगी के पेशाब से प्रोटीन निकलने लगता है।

फिर इससे गुर्दे में खराबी आती है और रेनिन तत्व का रिसाव शुरू हो जाता है। इसकी वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। रेनिन का रिसाव होता रहता है तो बीपी जल्दी काबू में नहीं आता है।

और फिर रोगी के पेशाब में खून भी आता है, लेकिन सामान्य तरीके से देखने पर यह पता नहीं चलता। जब माइक्रोस्कोप से देखा जाता है तो खून के कण दिखते हैं।

इसके अलावा धूम्रपान, मोटापा भी गुर्दे में खराबी का बड़ा कारण होता है। रोगियों को बीमारी की असली वजह जांचों के बाद ही पता चल पाती है।

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