न्यूज़लिंक हिंदी, कानपुर। कल्याणपुर थानाक्षेत्र के मसवानपुर में अवैध निर्माण गिराने पहुंचे आवास विकास के अधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ा। बिना नोटिस के दल-बल के साथ पहुंची टीम का स्थानीय निवासियों विरोध शुरू कर दिया। न्यायालय में मामला होने की जानकारी और हंगामे को देख टीम बैरंग वापस लौटना पड़ा।

आवास विकास के अधिकारियों के अनुसार कानपुर भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना संख्या-1 केशवपुरम में आराजी संख्या 248, 1148, 1149, 1150, 1156, 1157, 1159 और 1160 पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा किया है। अधिशाषी अभियंता प्रीति विश्वकर्मा ने इसको खाली कराने के लिए पुलिस आयुक्त से फ़ोर्स मांगी थी।
कल्याणपुर थानाक्षेत्र के मसवानपुर में अवैध निर्माण गिराने पहुंचे आवास विकास के अधिकारियों को विरोध का सामना करना पड़ा। #awasvikas #Kanpurnews @DMKanpur @kanpurnagarpol pic.twitter.com/LPRV3rhm8y
— Newslink Hindi (@newslinkhindi) December 19, 2023
मंगलवार को अधिकारी बुलडोजर और कई थानों की फ़ोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। टीम को देख बस्ती में रहने वाले लोग एक हो गए और जमकर हंगामा शुरू कर दिया। कुछ लोग सड़क पर आकर दस्ते का विरोध करने लगे। जिसे देख अधिकारियों हांथ-पांव फूल गए।
ये भी पढ़ें: शाहरुख की पत्नी Gauri Khan को ED ने भेजा नोटिस, 30 करोड़ हड़पने का आरोप, जानें क्या है पूरा मामला
बस्ती वालों ने कहा की उनका मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। बिना नोटिस और जानकारी के कब्जा हटाने आवास विकास की टीम आयी है। बस्ती वालों ने कहा की हमारे पूर्वज इसी जमीन पर रहते आये हैं। यह जमीन आवास विकास परिषद पहले ही छोड़ चुका है। हम सब उन्हीं के नाती-पोते हैं। इसको खाली कराने का अधिकार आवास विकास को है ही नहीं। इसदौरान लोगों ने भूमाफिया के कहने पर एक तरफ़ा कार्रवाई का आरोप लगाया।

हंगामा बढ़ा तो टीम लौटी
बस्ती वालों का हंगामा देख और कोर्ट के कागज देखकर टीम वापस लौट गयी। अधिशाषी अभियंता प्रीति विश्वकर्मा ने बताया की हम नियमानुसार ही बस्ती को कब्जामुक्त कराने पहुंचे थे। भारी विरोध के चलते लौटना पड़ा।


