Kanpur News: 600 डिफाल्टर केस गिरा रहे शहर की रैंकिग, सीएम योगी कर सकते हैं कार्रवाई

जलकल के 101, स्वास्थ्य विभाग 207, अभियंत्रण 113, कैटल कैचिंग22, फॉगिंग 90, उद्यान 10 और रविश के 22 डिफाल्टर केस हैं।

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कानपुर। आईजीआरएस पर लंबित शिकायतें शहर की रैंकिंग पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं। पोर्टल की समीक्षा में आठ विभागों के लगभग 600 डिफाल्टर केस पाए गए हैं जो काफी समय से लंबित हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें स्वास्थ्य विभाग के मामले की लंबित हैं। कई तो ऐसे मामले हैं जिसका रिमाइंडर कई बार डाला गया लेकिन कार्रवाई शून्य हुई है। क्योंकि, आईजीआरएस मामलों की समीक्षा खुद सीएम योगी आदित्यनाथ करते हैं ऐसे में किसी भी समय अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

6 विभागों की शिकायतें ज्यादा लंबित
नगर निगम से संबंधित शिकायतें हेल्पलाइन नंबर, ऑनलाइन माध्यम, मुख्यमंत्री पोर्टल, पीजी पोर्टल, डीएम पोर्टल पर की जाती हैं। जलकल, सिविल, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी विभाग की जुड़ी शिकायतें सबसे ज्यादा डिफाल्ट पाई गईं हैं। जिसमें जलकल की 101, स्वास्थ्य विभाग 207, अभियंत्रण 113, कैटल कैचिंग22, फॉगिंग 90, उद्यान 10 और रविश के 22 डिफाल्टर हैं। इस मामलों का निस्तारण समय से नहीं हो रहा है। डीएम और नगर आयुक्त द्वारा कई बार इन मामलों के निस्तारण को लेकर कहा गया है लेकिन पोर्टल पर अभी भी शिकायतें लंबित बनी हुई हैं।

शहर की रैकिंग में पड़ रहा प्रभाव
नगर निगम सीमा के अंतर्गत लगभग 45 लाख की जनसंख्या है। स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में टॉप-5 में जगह बनाने के लिए शहर को छह हजार प्वाइंट की जरूरत है। अलग-अलग साफ सफाई को लेकर इनकी रेटिंग तय की जाती है। जिसमें सबसे ज्यादा कचरा उठान पर रैंकिंग होती है, लेकिन कुछ वार्डों में लचर काम और आईजीआरएस पर आने वाली समस्या का निस्तारण नहीं होने पर शहर की रैंकिंग में फर्क पड़ रहा है। स्वच्छता रैंकिंग क्षेत्रों में कूड़ा गाड़ियों, गीला-सूखा कचरा उठाने, कचरे उठान में दो डस्टबीन का प्रयोग जैसे चीजे भी देखी जाती है। आईजीआरएस मामलों की भी डीएम और सीएम द्वारा मॉनीटरिंग होती है। जिससे भी शहरों की रैंकिंग तय होती है। लेकिन पोर्टल पर डिफाल्टर केस समस्या बढ़ा रहे हैं।

डिफाल्टर मामलों के सभी विभाग को सूची जारी की गई है। मामलों को जल्द से निस्तारित किया जाना है। ताकि, शहर की रैंकिंग में प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। – प्रतिपाल सिंह, अपर नगर आयुक्त

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