बहनों को भाइयों की कलाई पर डोर बांधने के लिए मिलेगा पूरा दिन, ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि पंचांग के अनुसार कई वर्षों बाद अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है।
और फिर रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं रहेगी। श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य और सर्वार्थसिद्धि जैसे महाशुभ संयोग बन रहे हैं। रक्षाबंधन के दिन श्रवण नक्षत्र और शनिवार का योग बहुत कम बनता है।
और फिर इस दिन चंद्र मकर राशि में रहेगा और मकर राशि के स्वामी शनि हैं। यह योग सभी राशियों के जातकों के लिए शुभ रहेंगे।
साथ ही अंतरंग फाउंडेशन की संस्थापक ज्योतिषाचार्या डॉ. स्वाति सक्सेना ने बताया कि सावन पूर्णिमा तिथि आठ अगस्त की दोपहर 2:12 बजे शुरू होगी जो नाै अगस्त की दोपहर 1:24 बजे समाप्त होगी।
और फिर पूर्णिमा तिथि का आरंभ विष्टि करण भद्रा में होगा जो शुभ नहीं है। भद्रा की समाप्ति आठ अगस्त की रात 1:55 बजे होगी। और फिर इसलिए नाै अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व भद्रा रहित मनाया जाएगा।
सर्वार्थ सिद्ध योग नाै अगस्त की सुबह 5:30 से दोपहर 2:30 बजे तक रहेगा। इस दाैरान रक्षा सूत्र बांधने से सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं।
इसके अलावा पं. गौरव तिवारी ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन सबसे पहले भगवान गणेश को राखी बांधे। और फिर विघ्नहर्ता को राखी बांधने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं।
डर या भय सताने पर हनुमान को भी राखी बांध सकती हैं। साथ ही भगवान भोलेनाथ को भी राखी बांधी जा सकती है। यह भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने का तरीका है।
और फिर जब द्रोपदी का चीरहरण किया जा रहा था तब भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी रक्षा की थी इसलिए भगवान श्रीकृष्ण को भी राखी भी बांध सकती है।