कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना 90 से 100 लोग कुत्तों के शिकार हो रहे हैं।
फिर पिछले साल पालतू कुत्ते के हमले से एक महिला की मौत भी हो चुकी है। कुत्तों पर अकुंश लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है।
और फिर जहां कुत्तों के काटने पर हर्जाना लगाने की तैयारी हो रही है। फिर इसके बाद सरकार को लाखों रुपये रोज हर्जाना देना पड़ेगा।
शहर में सवा लाख कुत्तों का आतंक है। फिर लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। हालांकि कुत्तों पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम बंध्याकरण करा रहा है।
और फिर किशनपुर जाजमऊ और फूलबाग में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बना है। यहां रोज 80 कुत्तों का बंध्याकरण किया जा रहा है।
अब तक 36 हजार कुत्तों का बंध्याकरण भी हो चुका है। साथ ही शेल्टर होम भी बना है।
इसके अलावा दर्शनपुरवा, रामबाग, गांधीनगर, निराला नगर, रावतपुर, विकासनगर, विनायकपुर, श्याम नगर, पीरोड, नेहरू नगर, रामकृष्ण नगर समेत कई जगह कुत्तों का आतंक भी फैला हुआ है।
यहां लोगों का निकला बेहद ही मुश्किल हो गया है। और फिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम जहां से कुत्ते पकड़ता है, वहीं पर छोड़ देता है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने सात नवंबर को आदेश दिए थे कि अस्पताल, कोचिंग मंडी, स्कूल, रेलवे स्टेशन बस डिपो से कुत्तों को हटाया भी जाए।
और फिर इस बाबत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने ये भी बताया कि अभी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। फैसला आने के बाद ही अब कुछ भी बता पाएंगे।