कानपुर के नकुट्टी स्थित एक मकान से पकड़े गए पांचों आरोपितों ने हवाला और आफलाइन ट्रेडिंग को लेकर ही पुलिस को कई बातें बताईं गया।
फिर उन्होंने बताया कि वह फोन पर ही आगरा, ग्रुरुग्राम, नोएडा, दिल्ली, दिल्ली, जयपुर, मुंबई और गुजरात तक के व्यापारी उनसे जुड़े हैं। और फिर वे फोन पर ही व्यापारियों को हर दिन का सोने-चांदी का भाव बताते थे।
इसके साथ ही आरोपितों ने शहर के लगभग एक दर्जन व्यापारियों के नाम लिए, जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच की स्पेशल आपरेशन ग्रुप की टीम ने देर रात तीन संदिग्धों को अलग-अलग जगहों से उठा भी लिया।
फिर सभी आरोपितों व संदिग्धों के मोबाइल फोन की काल डिटेल रिपोर्ट निकलवाई भी जा रही है। फिर वहीं, पकड़े गए पांचों आरोपितों को शुक्रवार को जेल भी भेजा गया है।
इसके साथ ही कलक्टरगंज के धनकुट्टी स्थित एक मकान में गुरुवार रात स्पेशल आपरेशन ग्रुप के एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके की टीम ने छापेमारी की थी। फिर उसमें शेयर मार्केट की ऑफलाइन ट्रेडिंग का ऑफिस बना हुआ था।
जहां से टीम ने धनकुट्टी निवासी रमाकांत गुप्ता, किदवईनगर एच ब्लाक निवासी अभय त्रिपाठी, बिरहाना रोड का राहुल जैन, किदवई नगर साइट नंबर वन निवासी सचिन गुप्ता और नवाबगंज के मकड़ीखेड़ा निवासी वंशराज कश्यप को गिरफ्तार किया था। और फिर इतना ही नहीं मकान रमाकांत का है।
और फिर मौके से 61.84 किलोग्राम चांदी और दो करोड़ 24 लाख 72 हजार 900 रुपये, 11 मोबाइल, नेपाल की करेंसी, छह कंप्यूटर मानीटर, तीन यूपीएस, तीन सीपीयू, एक एलईडी, पांच रजिस्टर, एक डायरी भी बरामद की।
फिर कलक्टरगंज थाना प्रभारी विनय तिवारी के मुताबिक आरोपित सट्टेबाजी और हवाला कारोबार तो करते ही हैं।
फिर इसके अलावा आफलाइन शेयर मार्केट ट्रेडिंग का काम भी करते हैं, जिसे जिसे डब्बा ट्रेडिंग भी कहते हैं।
और फिर आरोपितों ने बताया कि वे लोग कई शहरों के व्यापारी संपर्क में रहते थे। फिर फोन पर उन्हें सोने-चांदी के बढ़ने वाले भाव अपने अनुसार बताते थे।
जिस पर वे लोग रुपये फोन पर ही लगा देते थे। और फिर दाम बढ़ने पर व्यापारियों को लाभ मिलता और घटने पर नुकसान भी होता था।