कानपुर समेत पुरे देश भर के एयरपोर्ट और स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने में एक ही साइबर अपराधी या संगठन का नाम भी हो सकता है।
और यह महत्वपूर्ण जानकारी कमिश्नरी पुलिस की साइबर क्राइम टीम को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल्स से धमकी देने के संदेश के विश्लेषण करने से ही हासिल हुई है।
फिर इसकी तलाश में टीम जुट गई है। गूगल को ईमेल कर आरोपियों के आईपी एड्रेस की जानकारी भी ली जा रही है।
और फिर अहमदाबाद कमिश्नरी पुलिस और इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर की टीमें भी डाटा भी साझा कर रही हैं।
साथ ही 9 जून को चकेरी समेत देश के 44 एयरपोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। और फिर यह धमकी एयरपोर्ट अथॉरिटी को ईमेल भेजकर दी गई गई थी।
ईमेल मिलते ही एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। 23 जुलाई को शहर के 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल आया था।
और फिर ऐसा ही ईमेल दिल्ली, एनसीआर और अन्य शहरों को भेजा गया था। फिर इस मामले में क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम की टीम जांच कर रही है।
क्राइम ब्रांच ने दोनों ही ईमेल का डेटा एनालिसिस और एआई विशलेषण कराया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए।
और फिर पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डाटा एनालिसिस में दोनाें ही ईमेल में समानताएं हैं। ऐसे में संभव है कि भेजने वाला एक ही व्यक्ति हो सकता है। उसने गूगल के सर्वर का इस्तेमाल कर ईमेल किए हैं।
इसके अलावा क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक गूगल से ईमेल भेजने वाले का आईपी एड्रेस मांगा गया है।
गूगल का मुख्य सर्वर कैलिफोर्निया में है जहां से किसी भी ईमेल भेजने वाले की जानकारी मिल सकती है। और फिर यह जानकारी दो से तीन दिन में हासिल होने की उम्मीद है।
अब इसके अलावा पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ईमेल भेजने वाले ने डराकर दहशत पैदा करने के लिए ही साजिश रची है।
और वह इंटरनेट का अच्छा जानकार बिल्कुल भी नहीं है। उसने कई जगह चूक भी की है। और अब पुलिस के पास अहम जानकारियां भी सामने आ गई हैं।