कानपुर के सेंट्रल स्टेशन से दो वर्ष की बच्ची का अपहरण कर ट्रेन से ले जा रहा अपहर्ता राजू धीमर टूंडला में ही पकड़ा गया।
फिर उसे जीआरपी व आरपीएफ ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया और सेंट्रल स्टेशन भी लाया गया।
फिर बच्ची को उसकी मां के हवाले कर दिया गया है। अपहर्ता को पकड़ने के लिए 100 सीसी कैमरों के फुटेज खंगाले गए।
फिर उसकी लोकेशन मिलने पर अन्य स्टेशनों की जीआरपी व आरपीएफ पोस्ट पर सूचना दी गई।
और फिर सेंट्रल स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर कानपुर देहात के ग्राम शाहजहांपुर निनाया गजनेर निवासी चंदा पांडेय अपनी दो वर्ष की बेटी संग सो रही थी। वह सोमवार रात उठीं तो बच्ची गायब थी।
फिर इसकी सूचना उसने जीआरपी थाने को दी। बच्ची को तलाशने के लिए जीआरपी प्रभारी निरीक्षक ओमनारायण सिंह व आरपीएफ पोस्ट प्रभारी एसएन पाटीदार के नेतृत्व नें टीमें भी गठित की गईं।
और फिर सेंट्रल स्टेशन पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज जांची गईं। फिर एक फुटेज में अपहर्ता बच्ची को ले जाते दिखा।
और फिर ट्रेन की पहचान की गई तो बरौनी से दिल्ली जाने वाली स्पेशल ट्रेन निकली। इसके बाद इटावा, टूंडला सहित अन्य स्टेशनों पर बच्ची के अपहरण की सूचना दी गई।
फिर पहले अपहर्ता को इटावा स्टेशन पर पकड़ने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं लगी, फिर उसके बाद जीआरपी तथा आरपीएफ ने टूंडला स्टेशन पर उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
फिर जैसी ही ट्रेन स्टेशन पहुंची तो सिपाही उसमें चढ़ गए। भेजे गए फुटेज के आधार पर अपहर्ता को खोज निकाला गया।
और फिर अपहर्ता दो वर्ष की बच्ची को भिक्षावृत्ति के लिए साथ ले जा रहा था। जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने आठ घंटे की कोशिश के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
और फिर सीता की मां चंदा पांडेय के तीन बच्चे हैं, सीता सबसे छोटी है। उनके पति राजेश पांडेय मजदूरी करते हैं।
चंदा की ससुराल गजनेर में है, जबकि मायका बिहार में है। वह ससुराल से नाराज होकर मायके आ गई थीं।
इसके साथ ही राजू धीमर बच्ची को दिल्ली में भिखारी गैंग को 20 हजार रुपये में बेचने ले जा रहा था। वह नशा करता है।
मादक पदार्थ खरीदने के लिए उसने बच्ची का अपहरण कर बेचने का योजना भी बनाई थी। फिर बच्ची को लेकर वह बरौनी नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन में बैठ गया।
इसके अलावा जीआरपी की सूचना पर ट्रेन की शिकोहाबाद में जांच की गई लेकिन बच्ची का पता नहीं लगा।
और फिर टूंडला में ट्रेन पहुंची तो सात टीमों ने तलाशी लेकर जनरल कोच से बच्ची को बरामद भी कर लिया। अपहर्ता को भी पकड़ लिया गया।